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मुंबई: महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के उप-निबंधक बापुराव शिवाजी कटरे की कथित रिश्वतखोरी से परेशान उनकी पत्नी रेनू कटरे (44) ने समता नगर स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन ने बापुराव कटरे के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने, शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि बापुराव कटरे वर्तमान में फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
रेनू कटरे के आत्महत्या करने से पहले पुलिस को बताया कि बापुराव की कथित भ्रष्ट गतिविधियों और घरेलू उत्पीड़न से तंग आकर यह कदम उठाया गया। दूसरी ओर, संसद वाणी न्यूज एवं वशिष्ठ वाणी न्यूज के कानूनी सलाहकार और एनएसएसीबी संस्था के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश मिश्रा ने लंबे समय से कटरे के पक्षपातपूर्ण फैसलों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। मिश्रा ने हाल ही में 9 जुलाई 2025 को आरटीआई एक्ट के तहत कटरे से जानकारी भी मांगी थी, जिससे उनके कृत्यों पर सवाल उठे थे।
संसद वाणी न्यूज द्वारा, मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत के खिलाफ म्हाडा में उपनिबंधक को लिखित शिकायत दर्ज की गई थी। जांच अधिकारी महाजन जी ने जांच के बाद बालासाहेब भगत को दोषी ठहराया, लेकिन सुनवाई के बाद बी एस कटरे ने उन्हें निर्दोष साबित कर दिया। संदेह जताया जा रहा है कि कटरे ने भगत से रिश्वत ली होगी। बताया जाता है कि बालासाहेब भगत पिछले 14 वर्षों से सोसायटी के पद पर बने रहे और इस दौरान कई संपत्तियों के मालिक बन गए। इसके बाद उन्होंने फेडरेशन बनाकर अवैध पार्किंग करवाकर वाहन मालिकों से पार्किंग शुल्क वसूला और विभिन्न सोसायटियों से 33 लाख रुपये भी एकत्र किए। हालांकि, उपनिबंधक बी एस कटरे ने इन सभी मामलों पर जांच के बजाय आंखें मूंद लीं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बापुराव कटरे सरकारी वेतन से असंतुष्ट होकर अवैध तरीके से रिश्वत लेकर कमाई कर रहे थे, जिसके चलते परिवारिक जीवन भी प्रभावित हुआ। इस घटना ने मिश्रा के आरोपों को बल दिया है, जो कटरे की भ्रष्टाचारी गतिविधियों को उजागर करते रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना से गहरा आक्रोश है, और लोग इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण मान रहे हैं।
रेनू की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पैसों की हवस में इंसान अपने परिवार और सम्मान को भी खो सकता है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, और बापुराव कटरे की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
रेनू की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पैसों की हवस में इंसान अपने परिवार और सम्मान को भी खो सकता है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, और बापुराव कटरे की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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