Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में 2 अक्टूबर, 2025 को लिंचिंग का शिकार हुए दलित व्यक्ति हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार को सरकार की तरफ से धमकाया गया था कि वे राहुल गांधी से न मिलें।
राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हरिओम वाल्मीकि के परिवार ने बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें धमकाया गया कि वे मुझसे मुलाकात न करें। लेकिन यह महत्वपूर्ण नहीं है। जरूरी बात यह है कि जिन्होंने यह अपराध किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हमारी कोशिश है कि हम जो भी मदद कर सकते हैं, हरिओम जी के परिवार की मदद करेंगे।”
घटना का पृष्ठभूमि
40 वर्षीय हरिओम वाल्मीकि को 2 अक्टूबर, 2025 को रायबरेली के जमनापुर गांव के पास चोर समझकर ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला था। इस घटना ने दलित समुदाय और विपक्षी पार्टियों में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया। विपक्षी दल राज्य की भाजपा सरकार पर दलितों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक तनाव
राहुल गांधी की इस मुलाकात और बयान से कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह घटना दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और सरकार की उदासीनता का प्रतीक है। हालांकि, हरिओम वाल्मीकि के परिवार के एक सदस्य ने बाद में दावा किया कि उन्हें किसी तरह की धमकी नहीं दी गई थी, जिससे राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठ रहे हैं।
दलित लिंचिंग में वृद्धिराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से उत्तर प्रदेश में दलित लिंचिंग की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पूरे देश में हर साल 1,200 से अधिक ऐसे मामले सामने आते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर आगामी चुनावों में दलित वोटरों को संगठित करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस का रुख
राहुल गांधी ने कहा, “देश में जहां भी दलितों के खिलाफ अत्याचार होगा, वहां कांग्रेस पार्टी खड़ी मिलेगी और न्याय के लिए लड़ेगी।” यह बयान कांग्रेस की ओर से दलितों के मुद्दों पर मजबूत स्टैंड लेने की रणनीति को दर्शाता है।
You must be logged in to post a comment Login