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खबर | उपभोक्ता सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मुंबई/संसद वाणी। मालवणी नंबर-1 पर स्थित राधा कृष्णा रेस्टोरेंट, जो इलाके में एक फेमस नाम माना जाता है, आज एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाले मामले को लेकर चर्चा में है। जिस रेस्टोरेंट में लोग भरोसे के साथ खाने जाते हैं, वहीं खाने के दौरान अगर ज़रा-सी चूक जानलेवा बन जाए—तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सीधा उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ है।
प्राप्त जानकारी और वीडियो फुटेज के अनुसार, कुछ ग्राहकों ने रेस्टोरेंट में मेंदू वडा और इडली का ऑर्डर दिया था। लेकिन खाने के दौरान एक ग्राहक के मेंदू वडा से प्लास्टिक का सख्त टुकड़ा निकल आया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यह कोई पतली पन्नी नहीं, बल्कि इतनी मजबूत प्लास्टिकनुमा धातु है कि वह टूट तक नहीं रही।
इस घटना के बाद सभी ग्राहकों ने तुरंत खाना छोड़ दिया। सोचिए, अगर यह प्लास्टिक का टुकड़ा किसी के गले में फंस जाता या अनजाने में निगल लिया जाता, तो जिम्मेदारी किसकी होती?
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी गंभीर चूक के बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने न तो माफी मांगी और न ही जिम्मेदारी ली, उल्टा पूरी बेशर्मी के साथ पूरा बिल बनाकर ग्राहकों को थमा दिया गया।
यह व्यवहार कई सवाल खड़े करता है—
क्या बड़े और “फेमस” रेस्टोरेंट खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं?
क्या उन्हें यह भरोसा है कि अगर कोई शिकायत करेगा भी, तो पैसे के दम पर मामला दबा दिया जाएगा?
और क्या आम आदमी की जान की कीमत सिर्फ एक बिल तक सीमित रह गई है?
यह मामला सिर्फ एक रेस्टोरेंट का नहीं, बल्कि फूड सेफ्टी सिस्टम और प्रशासनिक निगरानी पर भी करारा तमाचा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस पर संज्ञान लेते हैं या फिर यह मामला भी “पैसे और प्रभाव” की भेंट चढ़ जाता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ स्वाद का नहीं—
यह सवाल ज़िंदगी और सुरक्षा का है।