Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मालाड (मालवणी): वशिष्ठ मीडिया हाउस के संस्थापक और समूह समाचार पत्र के मालिक अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने अब MHADA अधिकारी बी.एस. कटरे को सीधे कानूनी कटघरे में खड़ा कर दिया है। मालवणी स्थित ‘स्वप्नपूर्ति सोसाइटी’ में चल रही धांधलियों और प्रशासनिक मिलीभगत को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सूत्रों के अनुसार, कोर्ट द्वारा जारी समन 6 जुलाई तक संबंधित पक्षों को मिलने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
MHADA की आधिकारिक जांच में ‘स्वप्नपूर्ति सोसाइटी’ के अध्यक्ष बालासाहेब भगत को दोषी ठहराया गया था। बावजूद इसके, अधिकारी बी.एस. कटरे ने सभी प्रमाणों को दरकिनार करते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि:
- लगातार पद पर कब्जा: बालासाहेब भगत पिछले 15 वर्षों से सोसाइटी के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं और लगातार मनमानी कर रहे हैं।
- कमरों की दलाली: रूम मालिकों ने बी.एस. कटरे को लिखित शिकायत दी थी कि भगत सोसाइटी के पद का दुरुपयोग कर अवैध ‘रूम दलाली’ में लिप्त हैं।
- सुरक्षा से खिलवाड़: सोसाइटी में अवैध पार्किंग और अनधिकृत निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। फेडरेशन बनाकर आपातकालीन रास्तों (Emergency Exits) को ब्लॉक कर दिया गया है, जो निवासियों की जान के लिए खतरा है।
- प्रमाणों की अनदेखी: इन सभी अनियमितताओं के ठोस सबूत और MHADA का नोटिस होने के बावजूद, बी.एस. कटरे द्वारा जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
संसद वाणी की पैनी नजर
संसद वाणी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब देखना यह होगा कि न्यायालय इस प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।