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पटना: मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का अब तक का सबसे बड़ा राज्य बजट पेश किया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में कुल ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वर्ष से करीब ₹30,000 करोड़ अधिक है।
सरकार ने बजट को “विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय” का रोडमैप बताया है, जिसमें रोजगार सृजन को सबसे बड़ा प्राथमिकता बताया गया है।
बजट के मुख्य बिंदु
- कुल बजट: 3,47,589.76 करोड़ (सबसे बड़ा बजट)
- विकास दर का अनुमान: 14.9 %
- राजकोषीय घाटा: लगभग 2.99 % जीएसडीपी
- पूंजी व्यय (Capital Expenditure): 63,455 करोड़ से अधिक
- शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि: बजट में बड़े प्रावधान
रोजगार का बड़ा लक्ष्य — 1 करोड़ नौकरियाँ
बजट सत्र में सरकार ने दावा किया है कि वह 2026 से 2030 के बीच लगभग 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर सृजित करेगी। इसका लक्ष्य खास तौर पर युवा वर्ग, महिलाओं और स्वरोजगार के अवसरों पर केंद्रित है।
राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण योजनाओं, स्व-रोजगार सहायता और कौशल विकास कार्यक्रमों में भी भारी निवेश किया है ताकि युवाओं को नौकरी-उन्मुख तैयार किया जा सके।
बजट में विकास के अन्य प्रावधान
कृषि क्षेत्र में किसानों के लिए अतिरिक्त सहायता
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा निवेश
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती
ग्रामीण विकास और अवसंरचना परियोजनाएँ
सामाजिक कल्याण योजनाओं को बढ़ावा
सरकार का कहना है कि बजट “विकसित बिहार-2047” की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आर्थिक प्रगति, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार विस्तार को साथ लेकर चलेगा।
विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
कुछ राजनीतिक और विपक्षी नेताओं ने इस बजट पर सवाल उठाए हैं, यह कहते हुए कि डेटा और वादों के बीच वास्तविक कार्यान्वयन को लेकर और पारदर्शिता की आवश्यकता है।