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उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से हर अंडे पर लेइंग डेट (उत्पादन तिथि) और एक्सपायरी डेट अंकित करना अनिवार्य हो जाएगा।
नियम का उद्देश्य
यह नियम पुराने अंडों को ताजा बताकर बेचने की समस्या को दूर करेगा। यूपी में रोजाना 2.5 करोड़ अंडों की खपत होती है, इसलिए यह स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। खराब अंडों से साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ाते हैं।
किसे करना होगा पालन?
पोल्ट्री फार्मर्स, सप्लायर्स और विक्रेताओं को हर अंडे पर तारीखें स्टैंप करनी होंगी। नियम न मानने पर अंडे नष्ट किए जा सकते हैं या “मानव उपभोग के लिए अयोग्य” घोषित हो सकते हैं। जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
आसानी से ताजगी जांच सकेंगे।
सुरक्षित खरीदारी सुनिश्चित होगी।
पारदर्शिता बढ़ेगी, मिलावट पर लगाम लगेगी।
विवरण
जानकारी
लागू होने की तारीख
1 अप्रैल 2026
अंकित अनिवार्य
लेइंग डेट और एक्सपायरी डेट
दैनिक खपत (यूपी)
2.5 करोड़ अंडे
कार्रवाई
अंडे नष्ट या स्टैंप “अनफिट”
पशुपालन विभाग की भूमिका
पशुपालन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त आदेश जारी किया है। तैयारी के लिए फार्मर्स को समय दिया गया है। यह कदम पैकेज्ड फूड की तरह अंडों पर भी ट्रांसपेरेंसी लाएगा।