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प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: छत गिरने से 4 की मौत, रेस्क्यू जारी

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प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में आदर्श कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने से एक भीषण हादसा हो गया। कई मजदूर मलबे में दब गए, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी तेजी से जारी है। घटना के बाद अमोनिया गैस रिसाव से क्षेत्र में भय और धुआँ‑जैसा वातावरण बन गया।


घटना का विवरण

फाफामऊ थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में स्थित इस आलू भंडारण कोल्ड स्टोरेज में करीबन सैकड़ों मजदूर आलू भरने का काम कर रहे थे। 22 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे अचानक छत भरभरा कर गिर गई, जिसमें मुख्य रूप से बिहार के सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के मजदूर फंस गए।

घटना के बाद अमोनिया गैस पाइप/टैंक फटने से रिसाव हुआ, जिससे आसपास लगभग 1 किलोमीटर के गाड़े इलाके में हड़कंप मच गया और रेस्क्यू आपरेशन में अस्थायी रूप से बाधा आई। स्थानीय लोगों और प्रशासन का कहना है कि मलबे में 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका थी, हालांकि जांच‑टीम इसे पुष्ट कर रही है।


मौत और घायलों की स्थिति

अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 13–14 लोग घायल हैं, जिन्हें प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के दौरान 7 लोग मलबे से बाहर निकाले गए, जिनमें 5 शव और 2 घायल मजदूर शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड से आए तीन मजदूरों की मौत होने की जानकारी मिली है, जबकि कई अन्य घायल सहरसा से आए हुए कामगार हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें अभी भी कुछ लोगों के जीवित होने की आशा है।


रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें जुटी

मलबे से बचे हुओं को निकालने के लिए NDRF, उत्तर प्रदेश SDRF, फायर डिपार्टमेंट और पुलिस की टीमें मौके पर लगातार तैनात हैं। वाराणसी से अतिरिक्त NDRF टीम तैनात की गई है। अधिकारियों के अनुसार लगभग 20–25% मलबा हटा दिया गया है और रेस्क्यू कार्य घटना के बाद से लगातार 4–5 घंटे से जारी है।

गैस रिसाव के कारण सुरक्षा के लिए स्थानीय आबादी को भी कुछ समय के लिए आस‑पास के इलाके से दूर हटाना पड़ा। अब विशेष‑सुरक्षा टीमों द्वारा हवा की गुणवत्ता और गैस‑स्तर की निगरानी की जा रही है।


सरकारी प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई

घटना के बाद अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति की सूचना दी। मोदी ने मृतकों के आश्रित परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की मदद की घोषणा की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रशासन से स्पष्ट निर्देश दिए कि रेस्क्यू, उपचार और जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

कोल्ड स्टोरेज पूर्व सपा विधायक अंसार अहमद की जमीन पर स्थित बताया जा रहा है, जिसके करीबी परिजनों और जिम्मेदारों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि

  1. इमारत की जर्जर स्थिति और रखरखाव की कमी,
  2. अमोनिया गैस प्रबंधन में लापरवाही,
  3. मजदूरों की तैनाती और सुरक्षा मानकों का पूरा पहलू सामने आ सके।

कोल्ड स्टोरेज हादसे पर उठ रहे सवाल

इस कोल्ड स्टोरेज को पुराना और जर्जर बताया जा रहा है, जिसकी दीवारें और छत लंबे समय से ठीक‑ठाक रखरखाव के बिना चल रही थीं। अमोनिया गैस लीक ने न केवल इमारत की संरचना को कमजोर किया बल्कि रेस्क्यू में अतिरिक्त रिस्क और देरी भी पैदा की।

स्थानीय आबादी और आसपास के गांवों के नेताओं का कहना है कि ऐसी ऊंच‑भरकम पुरानी इमारतों पर निरीक्षण और नियमन की कमी बार‑बार जानलेवा हादसे की वजह बनती है। बादलों के बीच एक गिनती आवाज की ज़ोरदार मांग उठ रही है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त बिल्डिंग‑कोड, नियमित जांच और मजदूर‑सुरक्षा मानक कानूनी स्तर पर लागू किए जाएं।

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