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मुंबई: कांदिवली पश्चिम और मालाड के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। स्थानीय जनता सड़कों पर लगने वाले भारी जाम और असुरक्षा से त्रस्त है, लेकिन कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी और उनके वरिष्ठ अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। ‘सांसद वाणी’ लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि जब से कांदिवली ट्रैफिक विभाग में अधिकारी सतीश राउत की तैनाती हुई है, तब से इलाके में अवैध पार्किंग का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे नियमों को ताक पर रखकर सड़कों को पार्किंग का ठेका दे दिया गया हो।
तस्वीर 1 का सच: एकता नगर रोड बनी अवैध पार्किंग का अड्डा
‘सांसद वाणी’ के पास मौजूद पहले तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एकता नगर रोड पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वाहनों की लंबी कतारें (लाइन पार्किंग) लगी हुई हैं। यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है, बल्कि जब से सतीश राउत इस विभाग में आए हैं, तब से यह समस्या और अधिक बढ़ गई है। फुटपाथ और मुख्य सड़कें अब चलने के लिए नहीं, बल्कि अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करने के लिए इस्तेमाल हो रही हैं।
तस्वीर2 का सच: मालाड-कांदिवली लिंक रोड के सिग्नल पर कब्ज़ा
दूसरे तस्वीर में स्थिति और भी चौंकाने वाली है। मालाड-कांदिवली न्यू लिंक रोड पर, जहां सुचारू ट्रैफिक के लिए सिग्नल व्यवस्था है, उसी सिग्नल को अब अवैध पार्किंग का मुख्य अड्डा बना दिया गया है। सिग्नल के आसपास गाड़ियां खड़ी होने के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और पीक आवर्स में यहां लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है।
तस्वीर 3 का सच: भारत गैस एजेंसी ने सड़क को ही बना दिया ‘गोदाम’
सबसे खतरनाक और हैरान करने वाली लापरवाही एकता नगर रोड पर सामने आई है, जिसकी तस्वीरें स्पष्ट गवाही दे रही हैं। यहां भारत गैस एजेंसी के सिलेंडरों से भरे हुए भारी वाहन (कमर्शियल गाड़ियां) चौबीसों घंटे सड़क पर ही खड़े रहते हैं। गैस सिलेंडरों से भरे वाहनों को इस तरह रिहायशी इलाके की मुख्य सड़क पर लावारिस छोड़ देना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।
जनता का सवाल: क्या इन लापरवाह अधिकारियों को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है? कई महीनों से भारत गैस एजेंसी ने इस पूरी सड़क को अपना निजी गोदाम बना रखा है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है।
मीडिया के खुलासे का भी असर नहीं
लगातार समाचार प्रकाशित होने और वीडियो साक्ष्य सामने आने के बाद भी इन अधिकारियों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। ‘सांसद वाणी’ जनहित के इस मुद्दे को तब तक उठाता रहेगा जब तक कांदिवली ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पर संज्ञान लेकर सतीश राउत और दोषी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करते।