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मुम्बई

25 हजार जानें खतरे में: क्या मुंबई में किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन? ‘समय रहते नागरिकों की जान बचाना हमारा पहला कर्तव्य’ – संसद वाणी

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मुंबई: पत्रकारिता केवल खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी है। जब शासन और प्रशासन किसी गंभीर खतरे को देखकर भी आंखें मूंद लें, तब ‘संसद वाणी’ अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। हमारा यह स्पष्ट मानना है कि “किसी बड़े हादसे के बाद शोक मनाने से कहीं बेहतर है कि समय रहते व्यवस्था को सुधारा जाए और मासूम लोगों की जान बचाई जाए।” इसी कर्तव्य भावना के साथ हम कांदिवली पश्चिम के एकता नगर इलाके की एक ऐसी भयावह हकीकत को सामने ला रहे हैं, जो कभी भी एक बड़े मौत के तांडव में बदल सकती है। यहां भारत गैस एजेंसी ने स्थानीय कांदिवली ट्रैफिक विभाग, RTO और मुंबई पुलिस की नाक के नीचे मुख्य सड़क को ही अपना अवैध ‘गैस गोदाम’ बना दिया है।

बारूद के ढेर पर सो रहा है एकता नगर: 25 हजार जिंदगियां दांव पर

एकता नगर एक बेहद घनी आबादी वाला इलाका है, जहां लगभग 20 से 25 हजार लोग रहते हैं। इस इलाके की मुख्य सड़क पर चौबीसों घंटे भारत गैस एजेंसी के सिलेंडरों से भरे भारी कमर्शियल वाहन लावारिस हालत में लाइन लगाकर खड़े रहते हैं।

  • सोचिए, अगर खुदा न ख्वास्ता कभी यहां कोई छोटा सा भी अग्निकांड या सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, तो क्या होगा? * संकरी सड़क पर अवैध पार्किंग के कारण एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का अंदर आना भी नामुमकिन है। क्या प्रशासन को यहां किसी ‘उपहार सिनेमा’ या ‘कमला मिल्स’ जैसे बड़े और दर्दनाक हादसे का इंतजार है?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, RTO और मुंबई पुलिस की रहस्यमयी चुप्पी!

‘सांसद वाणी’ ने इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय RTO अधिकारियों और मुंबई पुलिस कमिश्नर को समाचारों के माध्यम से बार-बार आगाह किया है। लेकिन अत्यंत अफ़सोस की बात है कि इतने संवेदनशील मामले पर भी किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।


जब से कांदिवली ट्रैफिक विभाग में अधिकारी सतीश राउत आए हैं, तब से इस अवैध पार्किंग को रोकने के बजाय खुली छूट दे दी गई है। आखिर इस लापरवाही के पीछे क्या सांठगांठ है? क्यों 25 हजार नागरिकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर पार्किंग माफिया को बढ़ावा दिया जा रहा है?

‘संसद वाणी’ का प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम: > “हमारा कर्तव्य केवल रिपोर्ट छापना नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अगर समय रहते कार्रवाई करने वाले मंत्री और शीर्ष अधिकारी अपनी आंख-कान बंद करके बैठे रहेंगे, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। किसी भी बेकसूर की जान जाने से पहले इस प्रशासनिक विफलता को उजागर करना और इसके खिलाफ लड़ना ही हमारा धर्म है।”

समय रहते जागना होगा…

प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि सुरक्षा हमेशा हादसे से पहले की जाती है, बाद में तो सिर्फ जांच कमेटियां बैठती हैं। ‘संसद वाणी’ इस मूक और बहरे सिस्टम के खिलाफ तब तक अपनी आवाज बुलंद रखेगा, जब तक एकता नगर की सड़कों को इस मौत के जाल से पूरी तरह मुक्त नहीं करा दिया जाता।

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