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सीतारमण अर्थशास्त्रियों, इंडस्ट्री जानकारों से लगातार मुलाकात कर रही हैं जिससे आगामी बजट की रूपरेखा तैयार की जा सके. हाल ही में अर्थशास्त्रियों के एक पैनल ने वित्त मंत्री से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए कई तरह के सुझाव भी दिए गए. एक्सपर्ट ने इस बीच रोबोट टैक्स लगाने का भी वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है.
Robot Tax: मोदी 3.0 सरकार के नए बजट को लेकर चर्चा शुरु हो गई है. बजट को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अर्थशास्त्रियों से सलाह लेनी भी शुरू कर दी है. वित्त मंत्री से हाल ही में कई अर्थशास्तत्रियों और इंडस्ट्री जानकारों ने मुलाकात की. इस दौरान नए बजट पर चर्चा की. चर्चा के दौरान रेवेन्यू पॉलिसी, निवेश, प्राइवेट सेक्टर की भूमिका पर फोकस किया गया. इस दौरान बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) की चुनौतियों के बारे में भी बात की गई. एआई रोजगार के अवसरों के लिए किस तरह चुनौती बन रहा है वित्त मंत्री को इस बारे में भी बताया गया. एक्सपर्ट ने इस दौरान विस्थापित कामगारों को फिर से कौशल प्रदान करने के लिए रोबोट टैक्स का भी प्रस्ताव दिया.
अर्थशास्त्रियों ने वित्त मंत्री के साथ बैठक में नए बजट में रोबोट टैक्स को शामिल करने और इस पर विचार करने का आग्रह किया. इसके अलावा बैठक में अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अन्य क्षेत्रों के बारे में भी चर्चा की गई. बैठक में निजी निवेश को बढ़ावा देने वाले उपायों, खाद्य महंगाई का प्रबंधन, रोजकोषीय नीति और रोजगार सृजन सहित कई जरूरी मुद्दों पर वार्ता हुई.
क्या है रोबोट टैक्स?
इस दौरान सबसे ज्यादा जोर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर था. एक एक्सपर्ट ने सरकार से रोबोट टैक्स लगाने का सुझाव दिया है. एक्सपर्ट का कहना है कि इसके जरिए मिलने वाले धन से जिन लोगों की नौकरी गई है उनके कौशल में वृद्धि करने और उनके पुर्नवास वाले कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में कई क्षेत्रों में एआई के जरिए नौकरी के अवसर भी पैदा होंगे. ऐसे में जानकारों का मानना है कि एआई और एआई आधारित रोबोट का इस्तेमाल संयम और समझदारी के साथ किया जाए. इसलिए जानकारों ने रोबोट टैक्स लगाए जाने की वकालत की है. इस टैक्स के जरिए मिलने वाली राशि से जिन लोगों की नौकरी गई है उन्हें नौकरी मिल सकेगी और उनकी स्किल्स बढ़ाने वाले प्रोग्राम चलाए जा सकेंगे.
सरकार करेगी कई क्षेत्रों के साथ चर्चा
इस दौरान अर्थशास्त्रियों ने आने वाले बजट में घरेलू उद्योगों को सरंक्षण का भी सुझाव दिया. इस दौरान निजी निवेश को आकर्षित करने के उपायों पर भी चर्चा की गई. केंद्र सरकार आने वाले दिनों में किसान, एमएसएमई, मजदूर यूनियन के साथ बजट की तैयारी को लेकर चर्चा करेंगे.
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