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दोहरी नीति का आरोप: मलाड लिंक रोड पर कार शोरूमों की अवैध पार्किंग पर RTO चुप, आम जनता पर सख्ती

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Mumbai News: मुंबई के मलाड पश्चिम के व्यस्त लिंक रोड पर कार शोरूमों द्वारा सड़क पर बनाई गई अवैध पार्किंग ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और दोहरी नीति के आरोपों को हवा दे दी है। Hyundai, Tata, Toyota और Maruti Suzuki जैसे बड़े ब्रांडों के शोरूमों के बाहर 24 घंटे वाहन खड़े रहते हैं, लेकिन RTO अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। वहीं, अगर कोई आम नागरिक 10-30 मिनट के लिए वाहन रोक ले, तो तुरंत टोइंग और जुर्माना लग जाता है। क्या कानून आम जनता के लिए अलग और VIP व्यवसायियों के लिए अलग है? स्थानीय निवासियों और मीडिया ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है।

व्यस्त सड़क पर अवैध पार्किंग का बोलबाला

मलाड लिंक रोड, जो मुंबई के सबसे ट्रैफिक-प्रवण इलाकों में से एक है, पर कार शोरूमों ने सड़क को ही अपना पार्किंग लॉट बना लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • Hyundai, Toyota, Maruti Suzuki और Tata शोरूम: इनके बाहर डिस्प्ले कारें और ग्राहकों के वाहन रात-दिन सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
  • RTO की निष्क्रियता: मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अवैध पार्किंग पर ₹500 से ₹1,000 तक का जुर्माना लग सकता है, लेकिन शोरूमों पर कोई एक्शन नहीं। पुरानी शिकायतों (जैसे 2023 की X पोस्ट्स में Hyundai शोरूम के पास अवैध पार्किंग और अतिक्रमण का जिक्र) के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
  • आम जनता पर सख्ती: BMC और RTO की संयुक्त टीमें रोजाना अभियान चलाती हैं, जहां छोटे-मोटे उल्लंघनों पर तुरंत टोइंग हो जाती है। मई 2025 में ही ट्रैफिक फाइन की नई दरें लागू हुईं, लेकिन ये केवल आम लोगों पर ही प्रभावी लग रही हैं।

राजनीतिक प्रभाव या प्रशासनिक भय: सवाल उठे

शोरूम मालिकों की कथित ‘उच्च पहुंच’ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • क्या कई शोरूम के मालिकों की पहचान मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े हैं, जिसके कारण RTO अफसर कार्रवाई से हिचकते हैं..? “अगर शोरूम का वाहन टो किया, तो नौकरी खतरे में पड़ सकती है..?
  • आम नागरिक, जो अपनी रोजी-रोटी में व्यस्त रहते हैं, RTO के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते। इसलिए RTO द्वारा आम जनता पर ही कार्रवाई करते हैं..? क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं हैं..?

मुंबई ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में अवैध पार्किंग के 1.5 लाख से अधिक चालान कटे, लेकिन शोरूम-संबंधित मामलों का उल्लेख नगण्य है। BMC ने 2018 से ही अवैध पार्किंग के लिए ऑनलाइन शिकायत तंत्र शुरू किया है, लेकिन अमल में कमी बरकरार है।

मीडिया की चेतावनी: कानून सबके लिए बराबर

मीडिया हाउस ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “शोरूम मालिकों की पहुंच चाहे जहां हो, कानून सबके लिए एक है। अगर RTO द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो हम इस विषय को गंभीरता से कवर करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट का रुख करेंगे।” विशेषज्ञों का सुझाव है कि BMC की प्रस्तावित ‘स्पेशल पार्किंग अथॉरिटी’ (DCPR 2034 के तहत) को तुरंत लागू किया जाए।

आगे क्या? कार्रवाई की मांग

मीडिया ने RTO और BMC से तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। यदि शोरूमों पर एक्शन नहीं हुआ, तो मीडिया स्तर पर इस विषय को मजबूती से उठाया जाएगा। मुंबई की सड़कें पहले ही ओवरलोडेड हैं—अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं हादसों को न्योता दे रही हैं।

नागरिकों से अपील: अवैध पार्किंग देखें तो BMC हेल्पलाइन (1916) या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें। ट्रैफिक नियमों का पालन ही शहर को सुरक्षित बनाएगा।

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