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मुंबई: (संसद वाणी न्यूज डेस्क): मुंबई के मालवणी इलाके में ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। सोसाइटी के सचिव फैयाज शेख पर रूम दलाली का आरोप है, जिसमें सोसाइटी के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का कथित सहयोग शामिल है। हमारी मीडिया ने इन आरोपों के अनगिनत सबूत इकट्ठा किए हैं, और अब कोर्ट के माध्यम से सोसाइटी के सचिव, अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को समन जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मामला न केवल रूम दलाली तक सीमित है, बल्कि सोसाइटी द्वारा म्हाडा की जमीन पर अवैध गार्डन निर्माण और स्थानीय विधायक असलम शेख के कथित सहयोग से जुड़ा हुआ भी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सब सोसाइटी की आंतरिक साजिश का हिस्सा लगता है, जिससे साधारण रूम मालिकों को धमकियां मिल रही हैं।
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रूम दलाली का पर्दाफाश: रूम नंबर 312 से शुरू हुई सच्चाई की जंग
सबसे पहले रूम नंबर 312 के मालिक वाजिद ने हमारी मीडिया को फैयाज शेख की रूम दलाली की शिकायत की। वाजिद ने बताया कि सोसाइटी के पद पर बैठे फैयाज शेख रूमों की दलाली करते हैं और बाहरी ब्रोकरों को दरकिनार कर खुद को प्राथमिकता देते हैं। एक अन्य रूम मालिक ने गुप्त कॉल पर खुलासा किया कि सोसाइटी अध्यक्ष खुद रूम मालिकों से कहते हैं, “तुम लोग बाहर के ब्रोकरों को रूम क्यों देते हो? फैयाज शेख को ही दो।” इस कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों से साफ है कि सोसाइटी के सभी सदस्य इस गलत कार्य में शेख का साथ दे रहे हैं।
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हमारी मीडिया ने इन आरोपों पर फैयाज शेख के खिलाफ खबर प्रकाशित की, जिसके बाद शेख ने अपने वकील के जरिए मीडिया को मानहानि का नोटिस भेजा। लेकिन जब सबूत दिए गए, तो शेख पीछे हट गए। उसके बाद फैयाज शेख ने रूम नंबर 306 के मालिक से 10 हजार रुपये का वकील द्वारा जो नोटिस भेजा था उसका चार्ज वसूल लिया। शेख का तर्क था कि “रूम 306 में मीडिया का व्यक्ति रहता है, इसलिए आपको चार्ज देना होगा।” सवाल यह है कि नोटिस तो शेख का पर्सनल था—न सोसाइटी अध्यक्ष का हस्ताक्षर था, न मोहर लगी थी। फिर रूम मालिक से पैसे क्यों वसूले गए? यह नोटिस सोसाइटी की ओर से नहीं था, फिर भी सभी सदस्यों ने रूम मालिक को दबाव में लाकर पैसे ऐंठे। यह घटना सोसाइटी की आंतरिक मिलीभगत को उजागर करती है।
एजीएम मीटिंग में धमकियां: 5 लाख का जुर्माना और रूम खाली करने का अल्टीमेटम
सोसाइटी के पदाधिकारी यहीं नहीं रुके। एजीएम (एनुअल जनरल मीटिंग) में रूम 306 के मालिक को बुलाकर धमकी दी गई: “अगर रूम से मीडिया व्यक्ति को बाहर नहीं निकाला, तो 5 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।” यह जुर्माना अवैध गार्डन निर्माण से जुड़ा बताया जा रहा है। हमारी पिछली रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि सोसाइटी म्हाडा की जमीन पर अवैध गार्डन (पार्किंग का नाम पर) बना रही है, जहां ब्लूप्रिंट में कोई प्रावधान नहीं है। सामग्री विधायक असलम शेख द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस खबर के प्रकाशन के बाद विधायक को सूचित किया गया, जिससे फैयाज शेख भड़क उठे।
एजीएम में शेख ने साफ कहा, “जो भी मीडिया व्यक्ति को रूम बेचेगा, उसे NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं देंगे।” रूम 306 के मालिक को एक महीने के अंदर रूम खाली करने का आदेश दिया गया। मालिक डर के मारे परेशान हैं और बार-बार दबाव झेल रहे हैं। स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मीडिया की वजह से उनका अवैध निर्माण और दलाली का धंधा रुक जाएगा है। वे सोचते हैं कि रूम खाली करवा देंगे तो हमें रोक देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है।”
मालवणी क्षेत्र में अवैध निर्माण कोई नई बात नहीं है। हाल ही में एक भवन ढहने से 12 लोगों की मौत के बाद म्हाडा ने 159 चॉल्स को नोटिस जारी किए थे, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई अधूरी रहती है। विधायक असलम शेख पर भी अवैध निर्माणों को नजरअंदाज करने के आरोप लग चुके हैं, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाते हैं।
कोर्ट का दरवाजा: सभी सदस्यों को जवाब देना होगा
इन धमकियों और अवैध कार्यों को देखते हुए हमारी मीडिया ने कोर्ट का रुख किया है। समन जारी होने के बाद सोसाइटी के सभी सदस्यों को सवालों के जवाब देने होंगे: मीडिया ने ऐसा क्या किया है कि रूम खाली कराने का दबाव डाला जा रहा है? रूम दलाली के सबूतों पर चुप्पी क्यों? अवैध निर्माण में सभी का सहयोग क्यों? कोर्ट से उम्मीद है कि यह मामला निष्पक्ष जांच के दायरे में आएगा, ताकि साधारण निवासियों को न्याय मिले।
सोसायटी के एक सदस्य ने मांग की है कि सोसाइटी पदाधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो और म्हाडा अवैध निर्माण को रोके। यदि आपके पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी या सबूत हैं, तो हमें संपर्क करें: sansadvani@gmail.com। हम सच्चाई को सामने लाते रहेंगे, भले ही कितना भी दबाव आए।
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