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आजमगढ़

जमीनी के विवाद में गजब का खेल,खबर देख उड़ जाएगा होश

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राकेश वर्मा
आजमगढ़/संसद वाणी :
जमीनी विवाद में धोखाधड़ी कोई नई बात नहीं है लेकिन यहां पर जब भी कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की सोचता है तो उसके मन में पहला विचार यही आता है कि यहां पर जमीन के मामले में हर कदम पर धोखा है ऐसा ही एक मामला यूपी के आजमगढ़ से सामने आया है जहां पर एक व्यापारी ने जमीन लेने के लिए सब कुछ दाव पर लगा दिया लेकिन उसके बदले में क्या मिला केवल धोखा,दरअसल आपको बताते चले कि आजमगढ़ के रैदोपुर मोहल्ले में स्थित एक हवेली जिसको गौड भवन के नाम से जाना जाता है जिसका विवाद इन दिनों चर्चा में बना हुआ है दरअसल आजमगढ़ के चौक क्षेत्र के सब्जी मंडी मोहल्ले के रहने वाले विशाल गुप्ता व उनकी पत्नी मंजरी गुप्ता ने आजमगढ़ की रजिस्ट्री ऑफिस के अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाया है जिसको जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी दरअसल मंजरी गुप्ता के अधिवक्ता सर्वेश लाल एडवोकेट ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया रैदोपुर स्थित गोड भवन के स्वामी द्वारा अपने जमीन को बेचने के लिए कई सालों से प्रयास किया जा रहा था जिसको 2014 में वाराणसी के प्रॉपर्टी डीलर किस्म के लोगों को मुयादा बय कर दिया गया जब प्रॉपर्टी को बनारस की प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा नहीं बेच पाया गया तो उन्होंने इस प्रॉपर्टी को लेने से इनकार कर दिया लेकिन गौड़ भवन के भुस्वामियों के पास उसकी भरपाई करने के लिए पैसे नही थे तो मंजरी गुप्ता और उनके पति विशाल गुप्ता ने एक एग्रीमेंट के आधार पर उसके पति को लेने के लिए लगभग 31 लाख रुपए गौड़ भवन के मालिक को दिए जिसके बाद गौड़ के भूस्वामियों ने बनारस के प्रोपर्टी डीलरों का पैसा वापस किया और मंजरी गुप्ता को प्रॉपर्टी देने पर सहमति बनी

लेकिन कुछ दिन बीतते ही एक बार फिर गौड़ भवन के भूस्वामी द्वारा धोखाधड़ी करते हुए एक बार पुनः प्रॉपर्टी डीलर को जमीन के चार हिस्सों में मिलाकर बैनामा कर दिया जिसके बाद मंजरी गुप्ता वह उनके पूरे परिवार में मानो भूचाल सा आ गया हो फिलहाल अभी पूरा मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है जल्दी कोर्ट से कोई अग्रिम सुनवाई की जाएगी लेकिन इस पूरे मामले में रजिस्ट्री ऑफिस की तरफ से भी बेहद हैरान करने वाली भूमिका अदा की गई है जिस जमीन की मालियत फरवरी 2024 में लगभग 13 करोड़ के आसपास थी उसी जमीन की मालियत अप्रैल 2024 में घटा करके लगभग 6 करोड़ कर दी गई सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि रजिस्ट्री ऑफिस में कई सफेद पोस लोगों के दबाव में आकर के इतने बड़े खेल को अंजाम दिया गया है।

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