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Mumbai News – महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के उपनिबंधक बी.एस. कटरे (बापू शिवाजी कटरे) पर पत्नी की आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज प्रताड़ना और मासिक 40-50 लाख रुपये की कथित ब्लैक इनकम जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। फिर भी, जांच के बीच वे न केवल पद पर बहाल हैं, बल्कि शिकायतों की सुनवाई कर फैसले सुना रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ व्यक्तिगत भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि म्हाडा के मालवणी क्षेत्र में अवैध निर्माण और पार्किंग घोटाले को संरक्षण देने का आरोप भी लग रहा है। क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ऐसे अधिकारियों को संरक्षण दे रही है? यह सवाल अब पूरे सिस्टम को हिला रहा है।
पत्नी की दर्दनाक मौत और आरोपों की बौछार
जुलाई 2025 में कांदिवली ईस्ट के सिल्वर ओक बिल्डिंग में एक दुखद घटना घटी। म्हाडा के डिप्टी रजिस्ट्रार बी.एस. कटरे की पत्नी रेणुका कटरे (42 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रेणुका के भाई सच्चिन सेजल की शिकायत पर समता नगर पुलिस ने कटरे और उनकी मां यमाबाई कटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की। आरोप थे:
- लग्न के 22 साल बाद भी “हुंडा कम था” का ताना मारना और मानसिक-आर्थिक प्रताड़ना।
- कटरे की कथित मासिक 40-50 लाख रुपये की अवैध कमाई, जो दहेज मांग से जुड़ी बताई गई।
- रेणुका ने मौत से ठीक पहले फैमिली डॉक्टर को फोन कर प्रताड़ना की बात कही थी।
कटरे को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन सस्पेंशन? कोई कार्रवाई नहीं। सितंबर 2025 तक वे ड्यूटी पर लौट चुके थे, और अक्टूबर 2025 में भी पद पर हैं। महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज नियमों के तहत सस्पेंशन वैकल्पिक है, लेकिन गंभीर मामलों में विभागीय जांच जरूरी। फिर भी, म्हाडा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं। क्या यह “निर्दोषतापूर्ण अनुमान” का दुरुपयोग है?
शिकायतों का ‘गायब’ होना: सिस्टम की पोल खुली
कटरे पर अब सिर्फ पारिवारिक आरोप ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के भी इल्जाम लग रहे हैं। एक प्रमुख उदाहरण है 1 अक्टूबर 2025 को मीडिया के लीगल सलाहकार एडवोकेट ओम प्रकाश मिश्रा द्वारा भेजी गई लिखित शिकायत। यह शिकायत मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत के खिलाफ थी, लेकिन 7 अक्टूबर को कटरे से पूछे जाने पर उनका जवाब था: “अभी तक कोई पत्र नहीं मिला।”
उपनिबंधक कार्यालय में पुष्टि हुई कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है, फिर भी कटरे तक कॉपी पहुंचने में हफ्तों लग गए। क्या यह जानबूझकर की देरी है? कई अन्य शिकायतकर्ताओं ने भी यही शिकायत की है – रूम मालिकों ने भगत को पद से हटाने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
मालवणी में अवैध साम्राज्य: 14 साल का ‘राज’ और कटरे का संरक्षण?
मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी और फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत 14 वर्षों से पद पर काबिज हैं। आरोप हैं:
- सोसायटी की बिल्डिंग 1D को अवैध ऑटो रिक्शा स्टैंड में तब्दील कर दिया गया।
- म्हाडा की खाली जमीन पर कब्जा कर अवैध पार्किंग चलाई जा रही है, जो लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
- वर्षों से वाहन मालिकों से पार्किंग शुल्क वसूला गया, लेकिन बिना सुविधा के – धोखाधड़ी का आरोप।
- भगत पर रूम दलाली और NOC के लिए रिश्वत लेने के इल्जाम; कई रूम मालिकों ने कटरे को लिखित शिकायत दी।
पहले ऑडिट में भगत को दोषी ठहराया गया था, लेकिन कटरे ने सभी मामलों में उन्हें निर्दोष साबित कर दिया। क्या यह संयोग है या साठगांठ? मालवणी गेट नं. 8 के निवासी परेशान हैं – अवैध निर्माण से सड़कें जाम, सुरक्षा खतरे में। बंबई हाईकोर्ट ने पहले भी म्हाडा को अवैध निर्माण पर फटकार लगाई है, लेकिन यहां कोई ऐक्शन नहीं।
मुख्यमंत्री फडणवीस पर सवाल: सुधार की बातें, लेकिन एक्शन कहां?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की बात करती है – CVC और लोकायुक्त को मजबूत करने के वादे। लेकिन कटरे मामले में चुप्पी क्यों? क्या प्रभावशाली कनेक्शन्स काम कर रहे हैं? अगर आम आदमी पर FIR होती, तो सिस्टम तुरंत सजा सुनाता। लेकिन अधिकारी पर? जांच चलेगी, पद बरकरार।
म्हाडा में क्या अन्य अधिकारी नहीं हैं जो कटरे का काम संभाल सकें? यह सवाल अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। निवासी पूछ रहे हैं: “कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं?” सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले (2013) ने राजनेताओं को दोषी सिद्ध होते ही अयोग्य ठहराया, लेकिन कर्मचारियों के लिए नियम ढीले। क्या फडणवीस सरकार इसे सख्त बनाएगी?
निवासियों की पुकार: न्याय की मांग
मालवणी के निवासी कहते हैं, “हम भगत को हटाना चाहते हैं, कटरे को सस्पेंड।” एडवोकेट मिश्रा ने कहा, “शिकायतें दबाई जा रही हैं, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे।” यह मामला सिर्फ मालवणी तक सीमित नहीं – यह पूरे म्हाडा सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल है।
संपादकीय: भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने का दावा करने वाली सरकार को अब एक्शन लेना होगा। कटरे को तत्काल सस्पेंड करें, जांच तेज करें, और भगत के अवैध कार्यों पर BMC-MHADA मिलकर छापा मारें। अन्यथा, जनता का विश्वास टूटेगा। क्या फडणवीस सुनेंगे?
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