नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026:
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (interim trade deal) पर चल रही महत्वपूर्ण वार्ता अब आज से नहीं हो पाएगी। दोनों देशों ने वॉशिंगटन में नियोजित तीन-दिवसीय बातचीत को स्थगित कर दिया है, और इसे आगे की सुविधा जनक तारीख पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा।
क्या हुआ? — बातचीत टलने के पीछे कारण
इस अहम बैठक का आयोजन 23 फरवरी से होना था, जिसमें भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकार अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कानूनी दस्तावेज पर अंतिम रूप देने वाले थे।
हालाँकि, दोनों पक्षों ने हाल के टैरिफ नीति परिवर्तनों और कानूनी परिस्थितियों का गहन मूल्यांकन करने की आवश्यकता जताई है।
विशेष रूप से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के व्यापक टैरिफ लागू करने के अधिकार पर रोक लगा दी, जिससे विस्तृत वैश्विक टैरिफ व्यवस्था पर असमंजस बढ़ गया है और इससे व्यापार वार्ता की नींव पर भी प्रभाव पड़ा है।
अमेरिका ने पहले भारत के लिए लगाए गए 25% तक के टैरिफ को घटाकर लगभग 18% करने और भारत ने इसके जवाब में कुछ अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में सुधार के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन बातचीत के कानूनी रूप देने से पहले परिस्थितियों में यह बदलाब आया है।
दोनों पक्ष क्या कहते हैं?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक अब “दोनों देशों के राजनीतिक और कानूनी आकलन के बाद” पुनर्निर्धारित की जाएगी। किसी भी नई तारीख की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन बातचीत जारी रखने का इरादा स्पष्ट है।
यह डील क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत-अमेरिका के व्यापक आर्थिक रिश्तों को नया आकार देने वाला माना जा रहा था। भारत प्रमुख निर्यात बाज़ारों में से एक के साथ शुल्क बाधाओं को कम करने, निर्यात संवर्धन और ट्रेड घाटे के मसलों को संबोधित करने की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका भी भारत से तकनीकी सामान, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं के आयात को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
अब आगे क्या?
विश्लेषकों का कहना है कि टैरिफ नीति की अस्थिरता और सुप्रीम कोर्ट के फैसले जैसे बाहरी कारक इस डील की समय-सीमा को प्रभावित कर सकते हैं और मार्च-अप्रैल की कोई भी पूर्व निर्धारित लक्ष्य अब संशोधित हो सकता है।