दिनांक: 22 जनवरी 2026
ईरान सरकार ने देशभर में पिछले कुछ हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों का पहली बार आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है। यह घोषणा सरकारी टेलीविजन के माध्यम से की गई, जिससे इस हिंसा और दमन की भयावहता का एक नया आधिकारिक दस्तावेज़ सामने आया है।
सरकारी आंकड़ा क्या कहता है?
- ईरान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु संख्या: 3,117 लोग मृत बताए गए हैं।
- इसके अनुसार 2,427 लोग नागरिकों और सुरक्षा बल के सदस्यों में शामिल हैं।
- सरकार ने यह संख्या देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के रूप में दी है — हालांकि उसने मौतों के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपनी टिप्पणी में अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फिर से ईरान पर हमला हुआ तो कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।
सरकारी आंकड़ा और स्वतंत्र संगठनों के बीच बड़ा अंतर
हालांकि सरकार ने इस संख्या को आधिकारिक बताया है, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन और स्वतंत्र रिपोर्टें इससे काफी अलग आंकड़े पेश कर रही हैं:
- ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) और अन्य समूहों के अनुसार, हिरासत और हिंसा में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है, और कई हजार और होने की आशंका है।
- कुछ रिपोर्टों में मौतों की संख्या 5,000 से भी ऊपर तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में 10,000–20,000 तक की संभावित मौतों का अनुमान लगाया गया है।
इन आंकड़ों के बीच विरोध और दमन की वास्तविकता का आकलन करना कठिन बना हुआ है, क्योंकि सरकार ने इंटरनेट और संचार सेवाओं को व्यापक रूप से बंद कर रखा है जिससे स्थिति की स्वतंत्र जाँच मुश्किल है।
विरोध प्रदर्शन क्यों शुरू हुए?
प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 के आसपास शुरू हुए। शुरुआती वजहें मुख्यतः महंगाई, आर्थिक संकट और सरकार की नीतियों के प्रति नाराज़गी थीं, लेकिन यह जल्द ही व्यापक राजनीतिक असंतोष के रूप में फैल गए।
ईरान के अंदर की स्थिति
देश में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट के बीच:
- सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भयंकर संघर्ष हुए।
- अस्पतालों की स्थिति गंभीर है और कई इलाकों में लोगों ने बंदूक की गोलियों से घायल होने की खबरें दी हैं।
- कई शहरों में इन मौतों और गिरफ्तारियों को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा वीडियो और तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा की गई हैं, जो हिंसा की गंभीरता को दर्शाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- संयुक्त राज्य अमेरिका और कई अन्य देशों ने स्थिति पर चिंता जताई है और ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर संज्ञान लिया है।
- क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है, और ईरानी नेतृत्व ने विदेशी देशों को आलोचना और हस्तक्षेप से दूर रहने को कहा है।