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वाराणसी

बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजन

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वाराणसी/संसद वाणी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (IMS, BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मनोरोग विभाग ने गुरुवार को “कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का समय है” थीम के साथ विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत बीएचयू के जनक पं मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ जिसमें सतीष मिश्रा के टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई।
इस कार्यक्रम का आयोजन मनोरोग विभाग के प्रोफेसर अच्युत कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और संतुलित पेशेवर जीवन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर IMS, BHU के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए एक प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध कर्मचारियों की उत्पादकता और संतुष्टि से है। कार्यक्रम में विभिन्न स्वास्थ्य क्षेत्रों के निवासी और संकाय सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

  • IMS के डीन, प्रो. अशोक कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का जीवन के हर पहलू पर गहरा प्रभाव पड़ता है उन्होंने यह भी जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि संस्थानों और संगठनों के लिए भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
  • ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी, प्रो. सौरभ सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य पर आघात के गहरे प्रभाव और कार्यस्थल के तनाव से आघात की गंभीरता में वृद्धि के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सहायक कार्यस्थल वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया।

  • कार्यक्रम में मनोरोग के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के वक्तव्य भी शामिल थे जिन्होंने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
  • मनोरोग विभाग के प्रो. अच्युत कुमार पांडेय ने निवासियों पर कार्यस्थल के तनाव के बोझ पर बात की जिसमें उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों और तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए संस्थागत समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • प्रो. मोना श्रीवास्तव ने काम और निजी जीवन के संतुलन के महत्व पर चर्चा की और इसे प्राप्त करने की रणनीतियाँ दीं। उन्होंने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए WHO के दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया।
  • मनोरोग विभाग के प्रमुख, प्रो. जे. एस. यादव ने तनाव प्रबंधन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच स्पष्ट सीमाओं को बनाए रखने की वकालत की। उन्होंने व्यक्तिगत समय के दौरान काम से संबंधित कार्यों और बातचीत से बचने पर जोर दिया ताकि मानसिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
  • प्रो. संजय गुप्ता ने सकारात्मक कर्मचारी संबंधों और बातचीत के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि ये भावनात्मक स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कार्यस्थल की गतिशीलता की मानसिक स्वास्थ्य में भूमिका पर भी चर्चा की। इस अवसर पर डॉ राजेश मीना, डॉ कविता मीना,प्रो. अमित द्विवेदी, प्रो. टी वी सिंह,डॉ पंकज सुरेका,डॉ पंकज गुप्ता, डॉ प्रभाकर,डॉ अजीत परिहार,डॉ अक्षय कदम,अनंत नारायण मिश्रा, सोनाली दीक्षित, विनीता, आकांक्षा,विकास तिवारी सहित विभाग के अन्य डॉक्टर एवं सहयोगी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रो. अच्युत कुमार पांडेय ने किया।

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