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1 year agoon
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SANSAD VANI
मुम्बई/संसद वाणी। सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर अवैध कार्य का गढ़ बना है और यह सब जानकारी होते हुए भी उपनिबंधक के अधिकारी गौतम जाधव अवैध कार्य करने वालों को दे रहे हैं साथ। आपको बता दें कि दो व्यक्ति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम सहकारी गृहनिर्मान संस्था फेडरेशन बनाकर कई वर्षों तक लोगों के जान से खिलवाड़ करना और अवैध पार्किंग करवा लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हुए कई वर्षों तक पार्किंग का राशि वसूली करते रहे। आपको यह भी बता दें कि यह विषय इतना बड़ा बन चुका है कि इसकी पूरी जानकारी म्हाडा के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को है, पर वह कार्रवाई करने के बजाय सभी अधिकारी फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत को बचाने में लगे हैं। अब सभी म्हाडा के अधिकारी एक ऑटो रिक्शा चालक पर इतने मेहरबानी क्यों दिखा रहे हैं यह तो वही बता सकते हैं।
आपको बता दें कि म्हाडा के अधिकारी, अवैध फेडरेशन के अध्यक्ष को बचाने के लिए सारे नियमों को ताक पर रख दे रहे हैं, अब यही देख लीजिए कि फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत को यह पता है कि उसने जो गलत कार्य किया उसके करना, कुछ सोसायटी उसके फेडरेशन को रद्द करने के लिए म्हाडा उपनिबंधक को लिखित शिकायत किया है, अब यह देखते हुए फेडरेशन के अध्यक्ष ने उपनिबंध के अधिकारी गौतम जाधव को ऐसा क्या उपहार दिया कि अधिकारी ने अन्य सोसायटी को बिना सूचित किए, फेडरेशन का चुनाव गुप्त तरीके से करवा दिया। अब इससे साफ पता चलता है कि म्हाडा में बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण अवैध कार्य करने वालों को कोई डर नहीं है।
अब यह सब देख अन्य सोसायटी में काफी आक्रोश है, वह यह देखकर काफी चिंतित भी है, और उन लोगों का यही सवाल है कि दो व्यक्ति अवैध फेडरेशन बनाकर अवैध कार्य करते हैं और म्हाडा के अधिकारी चन्द लालच में अवैध कार्य करने वालों का साथ दे रहे हैं..? जनता का सवाल यह भी है अगर म्हाडा अधिकारियों को यह रवैया रहा तो फिर हर कोई फेडरेशन बनाकर अवैध कार्य करेगा, और जब म्हाडा द्वारा जांच होगा तो उनके द्वारा कार्रवाई नहीं बल्कि अवैध कार्य का साथ दिया जाएगा।
आपको एक और गंभीर विषय पर ध्यान खींचते है कि, फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव द्वारा जो म्हाडा के खुली जगह पर अवैध पार्किंग करवा लोगों के जान से खिलवाड़ और वाहन को धोखे में रख कर उनसे पार्किंग का राशि वसूली करना, जिसके बाद मुंबई गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास मंडळ के अधिकारी निलेश मडामे द्वारा नोटिस जारी करके, फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव को २४ घंटे का समय दिया गया, अधिकारी निलेश मडामे ने नोटिस में यह भी लिखा कि अगर २४ घंटे में सभी वाहन बाहर नहीं हुआ तो फिर एमआरटीपी अधिनियम की धारा 52, 53 के अनुसार फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव पर कार्रवाई की जाएगी। पर आपको जानकर हैरानी होगी कि २४ घंटे के बजाय आज २६ दिन हो गए, और सभी वाहन बाहर नहीं हुआ, पर म्हाडा के अधिकारियों ने क्या किया कुछ भी नहीं, म्हाडा अधिकारियों ने एक कार्य को बखूबी ईमानदारी से निभाया है कि, फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव को किस तरह बचाया जाए। अब शायद फेडरेशन के अध्यक्ष किसी अधिकारी के रिश्तेदार होंगे, इसलिए म्हाडा के सभी अधिकारी अपनी जॉब को दाव पर रखकर फेडरेशन के अध्यक्ष को बचाने में जुट गए होंगे..?
आपको यह भी बताना जरूरी है कि म्हाडा के नोटिस जारी करने के बाद बाद फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव ने जो 60% वाहन बाहर करवाया था, वह अभी धीरे धीरे अंदर दुबारा लगने लगा है, अब सभी को यह लग रहा हैं कि फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव ने दिखावा करने के लिए 60% वाहन बाहर करवाए थे और जब उपनिबंधक के अधिकारी गौतम जाधव ने गुप्त तरीके से फेडरेशन का चुनाव करवा कर, अवैध फेडरेशन को वैध बनाने में मंजूरी दे दी है तो फिर वही फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव ने दुबारा खुली जगह पर पार्किंग लगवाना शुरू कर दिया है।
आपको यह भी बता दे कि कई माह बीत जाने के बाद भी, मुंबई गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास मंडळ के अधिकारी निलेश मडामे द्वारा अभी तक मेन गेट पर अवैध केबिन, और अवैध फेडरेशन के बोर्ड को नहीं हटाया गया है.. अब यह देखकर भी आप समझ सकते है कि म्हाडा के अधिकारी इस विषय को लेकर कितने गंभीर हैं..?
हमारे मीडिया को सूत्रों से यह भी पता चला है कि उपनिबंधक के अधिकारी गौतम जाधव ने जैसे ही गुप्त तरीके से चुनाव करवा कर म्हाडा में फाइल जमा कर दिया, तब से फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव का मनोबल सातवें आसमान पर हो गया, उन्हें अब लगने लगा है कि इतना अवैध कार्य करने पर भी म्हाडा के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो फिर सभी वाहन मालिकों को पार्किंग के लिए बोलना शुरू कर दिया है, आप फोटो में भी देख सकते हैं कि अब धीरे धीरे वाहन दुबारा लगना शुरू हो चुका है। अब हम यही कहेंगे कि जब अधिकारी भ्रष्ट है तो आप कितनी भी शिकायत कर लीजिए, होगा कुछ नहीं, म्हाडा के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के इतने हौसले बुलंद है कि जब हमारे मीडिया ने उपनिबंधक के अधिकारी गौतम जाधव से गुप्त चुनाव को लेकर सवाल किए तो उन्हें किसी बात का डर नहीं था बल्कि वह तो साफ बोलने लगे कि आपको जहां शिकायत करना है करें।
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