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नई दिल्ली, 1 फरवरी – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए देश के बुनियादी ढांचे पर जोर देने की सरकार की प्राथमिकता दोहराई है। इस बार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को अप्रत्याशित रूप से बड़ा आवंटन मिला है, जिससे सड़क नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्ग और चालू परियोजनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
सड़क परिवहन मंत्रालय को बड़ा बजट
बजट में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए भारी धनराशि आवंटित की गई है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्यों के जुड़ने वाले हाईवे नेटवर्क का विस्तार तेजी से होगा। नितिन गडकरी के नेतृत्व वाले मंत्रालय को यह ‘रिकॉर्ड स्तर का बजट’ बताया जा रहा है, जो देशभर में सड़क सुधार और निर्माण कार्यों को नई गति देगा।
विशेष रूप से, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, बड़े पुलों तथा आयकनिक मार्गों के डिज़ाइन और निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का ऐलान
बजट 2026-27 का एक बड़ा हिस्सा जल परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी केंद्रित है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों (National Waterways) को चालू करने की योजना प्रस्तुत की है, जिसे देश में लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और स्थायी परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख कदम माना जा रहा है।
ये 20 नए जलमार्ग भारत के विभिन्न हिस्सों में नदी और तटीय ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को जोड़ेंगे, जिससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने में मदद मिलेगी। अनुमान है कि यह कदम सड़क और रेल पर भारी निर्भर माल ढुलाई को जलमार्ग की ओर स्थानांतरित करेगा, जिससे ईंधन की खपत घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
सरकार ने वाराणसी और पटना जैसे शहरों में जहाज़ मरम्मत इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है, ताकि जलमार्गों के संचालन को सुदृढ़ किया जा सके और स्थानीय नौकरियों को बढ़ावा मिले।
कुल स्कीम और केंद्र की इन्फ्रास्ट्रक्चर नीति
बजट के तहत कुल पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ा दिया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में भारी वृद्धि दर्शाता है। इसका एक बड़ा हिस्सा सड़क, रेल और जलमार्ग परियोजनाओं पर खर्च होगा, जो भारत को आधुनिक और कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क की ओर ले जाएगा।
विश्लेषकों के अनुसार यह बजट भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सुधार, लागत-कुशल माल परिवहन और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।