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किसी भी धार्मिक पर्व या उत्सव की आड़ में जानलेवा डीजे और पटाखे के पूर्ण बहिष्कार का संकल्प कराया।
वाराणसी/संसद वाणी : संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, गिलट बाजार में आयोजित कार्यक्रम में चेतन उपाध्याय ने विद्यार्थियों को ध्वनि प्रदूषण से होने वाले नाना प्रकार के नुकसानों के बारे में बताया। चेतन उपाध्याय ने कहा कि दीपावली खुशियों का त्यौहार है, डीजे और पटाखा जला कर इसे मातम का त्यौहार नहीं बनायें। यह भी बताया कि एक रात के आतिशबाजी के शौक के चलते पूरे देश के अस्थमा के मरीज अगले चार-पांच दिनों तक छटपटाते हैं। सभी प्रकार के जीव-जंतुओं के लिए बेहद खतरनाक है यह आतिशबाजी का जहरीला धुआं और कानफाडू शोर। इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता के रूप में, पूर्वांचल के प्रसिद्द ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कर्मराज सिंह ने अपनी सृजनात्मक शक्ति का प्रयोग करते हुए मौके पर ही बच्चों को लघु नाटक की स्क्रिप्ट दी और फटाफट पात्रों का चयन करके उन्हें अभिनय के लिए तैयार भी कर लिया और फिर विद्यार्थियों द्वारा रोचक प्रस्तुतीकरण हुआ। सच कहा जाए तो आपने लघु नाटक के माध्यम से बहुत ही रोचक अंदाज में समा बांध दिया और विद्यार्थियों को यह अनुभव करने में कामयाब रहे कि डीजे और पटाखा दोनों के पूर्ण बहिष्कार में समाज का कल्याण है। विद्यार्थियों ने हाथ आगे करके शपथ ली कि किसी भी शादी विवाह, धार्मिक पर्व या उत्सव की आड़ में जानलेवा डीजे और पटाखे का पूर्ण बहिष्कार करने हेतु अपने घर और आसपास के लोगों को समझायेंगे और जो नहीं मानेगा उसके खिलाफ पुलिस से शिकायत करेंगे। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या अमिता सिंह, प्रभारी अरुण कुमार सिंह और सचिव राहुल सिंह उपस्थित थे।
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