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मुंबई में जलभराव: मानसून से पहले क्या है BMC की तैयारी?

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• मालवणी, मलाड वेस्ट में बार-बार बाढ़, स्थानीय लोग मांग रहे जवाबदेही

मुंबई, 15 जुलाई 2025: मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ ही जलभराव की समस्या ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मालवणी, मलाड वेस्ट, और अन्य निचले क्षेत्रों में हर साल बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे यातायात, व्यवसाय, और दैनिक जीवन प्रभावित होता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि नालों की सफाई और बुनियादी ढांचे में सुधार की योजनाएं अपर्याप्त दिख रही हैं। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जवाबदेही और प्रभावी समाधान की मांग की है।

जलभराव की बार-बार की समस्या

मालवणी और मलाड वेस्ट जैसे क्षेत्रों में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। 2024 के मानसून में, मालवणी की शहीद अब्दुल हमीद मार्ग और आसपास की बस्तियों में घुटनों तक पानी भर गया था, जिससे निवासियों को भारी परेशानी हुई। X पर @SVNEWS_MAH (12 जुलाई 2025) ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि BMC की ओर से नालों की सफाई समय पर नहीं हुई। निवासियों का कहना है कि हर साल वादों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

BMC की तैयारियां और कमियां

BMC ने 2025 के मानसून के लिए 250 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी, जिसमें नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन, और बाढ़ प्रबंधन शामिल हैं। हालांकि, RTI जवाबों (2024) के अनुसार, नालों की सफाई का केवल 60% कार्य जून तक पूरा हुआ था। सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी, रमेश पाटिल, ने कहा, “हर साल BMC दावे करती है, लेकिन मालवणी जैसे क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं दिखता। जवाबदेही कौन लेगा?”

  • पुलिस और प्रशासन की भूमिका

जलभराव के दौरान मालवणी पुलिस स्टेशन जैसे स्थानीय थानों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। निवासियों ने शिकायत की कि बाढ़ के समय यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सहायता अपर्याप्त थी। यह प्रशासनिक समन्वय की कमी को दर्शाता है, जो पुलिस सुधारों (2025 की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट) और BMC की जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ा है।

स्थानीय लोगों की मांग: कार्रवाई और पारदर्शिता

मालवणी और मलाड वेस्ट के निवासियों ने BMC से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने RTI दाखिल कर नालों की सफाई और बजट उपयोग की जानकारी मांगी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि BMC को नालों की सफाई की प्रगति को सार्वजनिक करना चाहिए। X पर @mybmc को टैग कर निवासियों ने जवाब मांगा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो निवासी बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर विचार कर रहे हैं।

मुंबई में जलभराव की समस्या का समाधान BMC की सक्रियता और प्रशासनिक जवाबदेही पर निर्भर करता है। मालवणी जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय की आवाज़ को सुनना और पारदर्शी कार्रवाई करना आवश्यक है। मानसून के इस मौसम में, BMC को त्वरित कदम उठाने होंगे ताकि निवासियों को राहत मिले।

संपर्क: इस मामले से संबंधित जानकारी के लिए sansadvani@gmail.com पर संपर्क करें।

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