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मुंबई: मुंबई के मलाड पश्चिम इलाके में सामना नगर, मालवाणी गेट नंबर 8 के पास अवैध पार्किंग की समस्या ने स्थानीय निवासियों की जान पर बनाई हुई है। सूत्रों के अनुसार, कांदिवली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सतीश राउत ने इस मुद्दे पर कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे लगभग 4-5 हजार लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है। यदि यहां कोई दुर्घटना घटित होती है और फायर ब्रिगेड या अन्य आपातकालीन वाहन घटनास्थल तक पहुंचने में असमर्थ रहते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कांदिवली ट्रैफिक विभाग पर होगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के अंतर्गत आता है, लेकिन अवैध वाहन पार्किंग के कारण सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है। एक निवासी ने बताया, “हमने MHADA के माध्यम से लिखित शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस कोई ध्यान नहीं दे रही। सतीश राउत का तर्क है कि यह जगह MHADA की है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी नहीं। लेकिन क्या यह भूल गए हैं कि शिकायत मिलने पर ट्रैफिक विभाग का फर्ज है सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना?”
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सतीश राउत को MHADA की ओर से भेजे गए शिकायत पत्र की प्रति भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अधिकारी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। यह कार्रवाई न करने का फैसला आखिर क्यों लिया जा रहा है, यह तो सतीश राउत ही स्पष्ट कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे को उठाया है, जहां उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की ‘मेहरबानी’ का जिक्र करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई हादसा हुआ, तो जिम्मेदार वही होंगे।
निवासियों की चिंता: आपातकालीन सेवाओं पर संकट
- जोखिम भरा इलाका: मालवाणी गेट नंबर 8 पर बनी MHADA बिल्डिंग में हजारों परिवार रहते हैं। अवैध पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस या अन्य वाहनों का प्रवेश मुश्किल हो गया है।
- लिखित शिकायतों की अनदेखी: म्हाडा अधिकारी ने ट्रैफिक पुलिस को लिखित शिकायत भेजीं, जिसके बाद कई माह तक कांदिवली ट्रैफिक विभाग द्वारा कार्रवाई की गई, लेकिन जब से सतीश राउत ने पद संभाला तब से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
- संभावित परिणाम: विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लापरवाही घातक साबित हो सकती है, खासकर आगजनी या चिकित्सा आपातकाल के दौरान।
हमारी मीडिया टीम डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) से अनुरोध करती है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दें। अवैध पार्किंग के चक्कर में कुछ लोग आम नागरिकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। कृपया कार्रवाई में देरी न करें और हाथ पीछे न खींचें। साथ ही, सतीश राउत से सवाल पूछा जाए कि MHADA की शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का क्या कारण है?
ट्रैफिक पुलिस ने अभी तक इस आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हम इस मामले की आगे की अपडेट के लिए निगरानी रखेंगे। यदि आप भी इस समस्या से प्रभावित हैं, तो अपनी शिकायत ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन या MHADA कार्यालय में दर्ज कराएं।
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