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बड़ी खबर: बालासाहेब भगत ने नवरात्रि मंडप लगाने के लिए बिना अनुमति के कार्य शुरू कर दिया, MHADA और सोसायटी से कोई मंजूरी नहीं!

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मुंबई/संसद वाणी: सामना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 स्थित मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी और फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत ने नवरात्रि उत्सव के लिए मंडप लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसके लिए न तो मालवणी सुखसागर सोसायटी से कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) से। यह घटना स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, इसकी पूरी जानकारी मालवणी पुलिस स्टेशन को 6 सितंबर को ही संसद वाणी मीडिया की लीगल टीम द्वारा दी गई थी। टीम ने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया था कि यदि बालासाहेब भगत या उनके संगठन द्वारा नवरात्रि फेस्टिवल के लिए अनुमति मांगी जाती है, तो उसे न दिया जाए। लेकिन पुलिस अभी तक चुप्पी साधे हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि मालवणी पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में तभी कार्रवाई करती है जब मामला तूल पकड़ लेता है या सार्वजनिक दबाव बढ़ जाता है। फिलहाल, कोई आधिकारिक बयान या एक्शन नहीं लिया गया है, जिसके कारण मंडप का कार्य जोरो पर है।

क्या यह सही है? अनुमति क्यों जरूरी?

महाराष्ट्र सरकार के नियमों के तहत, किसी भी सोसायटी या फेडरेशन द्वारा धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन के लिए मंडप लगाने से पहले संबंधित स्थानीय प्राधिकरणों (जैसे MHADA, जहां सरकारी भूमि शामिल हो) और पड़ोसी सोसायटियों से अनुमति लेना अनिवार्य है। यह सुरक्षा, यातायात और पर्यावरणीय कारणों से किया जाता है। ऑनलाइन पोर्टल (जैसे vvcmcpandalpermission.com) के माध्यम से गणेशोत्सव या नवरात्रि मंडप के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल है, लेकिन बिना अनुमति के ऐसा करना कानूनी उल्लंघन है। बालासाहेब भगत को निश्चित रूप से अनुमति लेनी चाहिए थी, क्योंकि यह न केवल नियमों का पालन होता, बल्कि आसपास के निवासियों के हितों की भी रक्षा करता।

पुरानी घटना: अवैध निर्माण और पार्किंग का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब बालासाहेब भगत पर ऐसी शिकायतें आई हैं। इससे पहले, उन्होंने MHADA की सरकारी भूमि पर अवैध पार्किंग और निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद MHADA अधिकारियों ने नोटिस जारी किया और कार्य को ध्वस्त करवाया। लेकिन मालवणी पुलिस ने उस समय भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा, “जिसे अवैध कार्य की आदत पड़ जाए, वह सही रास्ता कभी नहीं अपनाएगा। यह बार-बार दोहराया जा रहा है, और प्रशासन की निष्क्रियता इसे बढ़ावा दे रही है।”

हर मुद्दे पर जिद्दी रवैया: क्या यह उचित है?

हर छोटे-बड़े मुद्दे पर जिद्द पकड़ना न तो सामाजिक सद्भाव के लिए सही है और न ही कानूनी रूप से। नवरात्रि जैसे पावन पर्व को मनाने में कोई आपत्ति नहीं, लेकिन नियमों का उल्लंघन करके ऐसा करना न केवल विवादास्पद है, बल्कि पड़ोसी सोसायटियों के बीच तनाव भी पैदा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरेशन अध्यक्ष को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सभी के लिए आनंददायक बने।

निवासियों की मांग

स्थानीय लोग MHADA, मालवणी पुलिस और BMC से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यदि अनुमति न ली गई, तो मंडप को हटाने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है। @MumbaiPolice, @MHADAOfficial और @CMOMaharashtra से इस पर स्पष्ट निर्देश जारी करने की अपील की जा रही है।

यह घटना मुंबई की सोसायटी संस्कृति में बढ़ते विवादों को उजागर करती है। क्या प्रशासन जागेगा, या यह फिर से अनदेखा हो जाएगा? अपडेट के लिए बने रहें।

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