Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मुंबई/संसद वाणी न्यूज़ डेस्क: मुंबई के मालवणी इलाके में विकास की आस अब निराशा में बदल चुकी है। कांग्रेस विधायक असलम शेख को कई बार जनादेश देने के बावजूद, इलाके में अपराध, ड्रग्स की लत, ट्रैफिक जाम और अवैध निर्माण जैसी समस्याएं जस की तस हैं। अब तो भू-माफियाओं पर विधायक के संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। मालवणी पुलिस चौकी के सामने ही अवैध ऑटो-टैक्सी स्टैंड चल रहा है, और पुलिस वाले खुलेआम कहते हैं – “बॉस का फोन आ जाता है।” राष्ट्रीय वशिष्ठ मीडिया हाउस ने विधायक को अवैध गार्डन निर्माण के लिए नोटिस भेजा, लेकिन कोई असर नहीं। अब मालवणी के जनता को यह सोचना होगा कि अगर “परिवर्तन लाना है तो कुछ करना होगा – और वो जनता को ही करना होगा!”
भू-माफिया का कब्जा: स्कूल-हॉस्पिटल की जगह पर अवैध निर्माण
मालवणी में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा कोई नई बात नहीं। जहां स्कूल, कॉलेज, अस्पताल या पार्क बन सकते थे, वहां अवैध इमारतें खड़ी हो रही हैं। कुख्यात भू-माफिया खुले आम स्वीकार करते हैं कि उनके अवैध निर्माण को “बॉस” यानी विधायक असलम शेख बचा रहे हैं। सामना नगर, गेट नंबर 8 पर ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के पास एक अवैध गार्डन का निर्माण चल रहा है, जिसमें विधायक फंड से सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
वशिष्ठ मीडिया हाउस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं समूह दैनिक समाचार पत्रों के स्वामी-पत्रकार अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने लीगल सलाहकार एडवोकेट ओम प्रकाश मिश्रा के माध्यम से विधायक को पत्र लिखा: “अवैध निर्माण में फंड का दुरुपयोग न करें, इसे जनहित के कार्यों में लगाएं।” लेकिन सवाल यह है कि – “जब नेता को अवैध निर्माण ही पसंद है, तो हमारी बात क्यों सुनेगा?”
2022 में ईडी ने असलम शेख को सीआरजेड उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया था, जिसमें मड आईलैंड पर 24 अवैध फिल्म स्टूडियो बनाने का आरोप लगा। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इसे “एमवीए मंत्री की काली कमाई” करार दिया। मिड-डे की रिपोर्ट में भाजपा नेता हाइदर आजम ने कहा, “विधायक अपनी विधानसभा में अवैध निर्माणों पर आंखें मूंदे हैं। ठेकेदार रिश्वत देकर काम करवाते हैं।”
पुलिस का खुलासा: “बॉस का फोन आ जाता है”मालवणी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठते रहे हैं। संसद वाणी के पत्रकार ने जब मालवणी पुलिस से पूछा – “अवैध निर्माण और भू-माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं?” तो जवाब मिला: “अगर कार्रवाई करेंगे, तो बॉस का फोन आ जाता है।” जब “बॉस कौन?” पूछा गया, तो पुलिस ने कहा – “आप खुद समझ जाओ।”
मालवणी गेट नंबर 7 पर पुलिस चौकी के ठीक सामने अवैध ऑटो-टैक्सी स्टैंड बना हुआ है। घंटों जाम लगता है, लेकिन किसी पुलिसकर्मी में हिम्मत नहीं कि इसे हटवाए। स्थानीय निवासी रमेश यादव कहते हैं, “पुलिस चौकी के सामने ही अवैध कब्जा, और कोई कुछ नहीं बोलता। ये सब ऊपर से संरक्षण मिलने की वजह से है।”
“परिवर्तन लाना है तो कुछ करना होगा”
मालवणी की जनता अब जाग रही है। “कांग्रेस को मौका दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। भू-माफिया, अपराधी – सबको संरक्षण मिल रहा है।” लोग पूछ रहे हैं – “क्या यही मालवणी का भविष्य है? क्या असलम शेख मालवणी को ऐसा नहीं बना सकते कि लोग कहें – ‘मैं यहां फ्लैट खरीदूंगा’?”
पर अभी क्या कहा जाता है, “मालवणी नहीं जाऊंगा… डर लगता है, सामान छीन लेते हैं। अरे, वहां कौन जाएगा? जाम में फंस जाओगे!” – ये शब्द अब मालवणी की पहचान बन गए हैं। मुंबई के इस घनी आबादी वाले इलाके को कभी ‘मिनी मुंबई’ कहा जाता था, लेकिन आज लोग इसे ‘नो-एंट्री जोन’ मानते हैं। चेन स्नैचिंग, मारपीट, ड्रग पेडलिंग, भयंकर ट्रैफिक जाम और अवैध कब्जों ने मालवणी को ऐसा बना दिया है कि बाहर के लोग कहते हैं – “जब तक असलम शेख विधायक हैं, मालवणी नहीं सुधरेगा।”
वशिष्ठ मीडिया हाउस के निदेशक एवं समूह दैनिक समाचार पत्र के स्वामी व प्रकाशक अभिषेक वशिष्ठ ने कहा, “हम असलम शेख के खिलाफ खबर छाप रहे हैं, तो दिक्कत आएगी। लेकिन मालवणी के विकास के लिए तैयार हैं। अब सवाल ये है – क्या मालवणी की जनता तैयार है?”
जनता का आह्वान: परिवर्तन लाना है तो कुछ करना होगा। अब समय आ गया है – नया नेतृत्व चुनें, जो स्कूल, अस्पताल, साफ-सुथरी सड़कें और सुरक्षित माहौल लाए।
वशिष्ठ मीडिया हाउस इस मुद्दे पर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। आपकी जानकारी गोपनीय रहेगी।
You must be logged in to post a comment Login