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Mumbai News: मुंबई के मालवणी इलाके में अवैध निर्माणों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सामना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 के पास MHADA की खाली जगह पर ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव फैयाज शेख द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि 10 वर्ष पुराने खंडहर वॉटर टैंक पर ओपन शेड बनाने का काम जोरों पर चल रहा है, जिसमें MHADA अधिकारी एम.वी. माकणे का कथित सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, मलाड वेस्ट के विधायक असलम शेख पर भी निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का आरोप है। राष्ट्रीय मीडिया की लीगल सलाहकार एडवोकेट ओम प्रकाश मिश्रा ने इस मुद्दे को विधायक को पत्र लिखकर सूचित किया है, फिर असलम शेख द्वारा अवैध निर्माण रुका नहीं बल्कि जोरों पर प्रारंभ हैं।
सोसाइटी के अधिकारियों पर MHADA की जमीन पर बिना अनुमति अवैध पार्किंग, निर्माण और अब गार्डन बनाने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, MHADA के ब्लूप्रिंट में इस जगह पर गार्डन का प्रावधान नहीं है, और सोसाइटी को पहले ही दो बड़े गार्डन आवंटित किए जा चुके हैं। मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के इन अवैध कार्यों को लेकर वशिष्ठ मीडिया ने कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई है। वशिष्ठ मीडिया हाउस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं समूह दैनिक समाचार पत्र के स्वामी व प्रकाशक अभिषेक अनिल वशिष्ठ का कहना है कि विधायक असलम शेख को मालवणी के विकास की चिंता कम और अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने की ज्यादा लगती है। “जहां अवैध निर्माण करना हो, वहां एक पत्र दे दो, फंड से सामग्री उपलब्ध करा दी जाती है।”
मीडिया द्वारा म्हाडा के अधिकारी एम.वी. माकणे को इसकी सूचना दी जा चुकी है, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मालवणी में अवैध निर्माणों की पुरानी समस्या
मालवणी इलाका लंबे समय से अवैध निर्माणों के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर MHADA ने मालवणी के एमएचबी कॉलोनी में 159 चॉल्स को नोटिस जारी किए थे, जहां अवैध संरचनाओं की जांच चल रही है। एक इमारत के ढहने से 12 लोगों की मौत के बाद यह मुद्दा और गरमा गया था। बीजेपी नेता हैदर आजम ने विधायक असलम शेख पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था, “मालवणी में अवैध निर्माण फल-फूल रहे हैं, लेकिन स्थानीय विधायक चुप हैं।”
इस फोटो में देखे मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के सचिव फैयाज शेख गेट लगाकर लॉक कर दिया है, और म्हाडा के अधिकारी एम.वी. माकणे का कहना है कि यह गर्दुल्ला के लिए लगाया गया है, अब बिल्डिंग में कोई दुर्घटना हुई तो फिर निवाशी कहा से निकल पाएगी..?
मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के मामले में भी यही पैटर्न नजर आ रहा है। पहले फेडरेशन के नाम पर अवैध पार्किंग और निर्माण किया गया, फिर सोसाइटी ने MHADA से बिना अनुमति दीवाल को गिराकर पीछे ले लिया। फिर म्हाडा के खाली जगह को कब्जा कर गार्डन का निर्माण शुरू हो गया है। MHADA अधिकारी एम.वी. माकणे और संदीप कालंबे पर आंखें बंद करने का आरोप लगाया जा रहा है। “इन अधिकारियों को न शर्म है, न लोगों की जान की फिक्र। मीडिया ने बताया कि यह अधिकारी जैसे लगता है कसम खा चुके लगते हैं कि कोई कार्रवाई नहीं होगी।”
मलाड वेस्ट से चार बार विधायक चुने गए असलम शेख (कांग्रेस) पर यह पहला अवैध निर्माण से जुड़ा आरोप नहीं है। 2022 में मढ़-मार्वे इलाके में उनके परिवार से जुड़े 1,000 करोड़ के अवैध स्टूडियो पर शिंदे सरकार ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। हालांकि, शेख ने खुद को हमेशा विकास पुरुष के रूप में पेश किया है। उनकी वेबसाइट पर लिखा है कि 2002 से वे मालवणी जैसे इलाकों की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर मालवणी में विकास के अभाव की शिकायतें आम हैं – ट्रैफिक जाम, बुनियादी सुविधाओं की कमी और अवैध निर्माणों का बोलबाला।
मीडिया की लीगल टीम ने विधायक को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि यह फंड का दुरुपयोग है और मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी का विषय कोर्ट में लंबित है। फिर भी, निर्माण कार्य जारी है। MHADA के अन्य अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
यह मामला सिविल कोर्ट के अलावा बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष पहुंच सकता है, जहां पहले से ही मालवणी के अवैध निर्माणों पर निगरानी है। स्थानीय निवासी अब BMC और MHADA से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। “मालवणी का विकास जीरो है, लेकिन अवैध निर्माणों को हवा मिल रही है,” वशिष्ठ मीडिया के निदेशक अभिषेक वशिष्ठ ने कहा कि यदि आरोप सही साबित हुए, तो यह न केवल सोसाइटी के अधिकारियों बल्कि संबंधित अधिकारियों और विधायक पर भी सवाल खड़े कर सकता है।
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