Connect with us

News

पिपरहवा अवशेषों की ऐतिहासिक प्रदर्शनी: पीएम मोदी ने किया दर्शन का आह्वान

Published

on

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

दिल्ली में आयोजित भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी को लेकर देश और दुनिया में गहरी रुचि देखने को मिल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दुर्लभ और ऐतिहासिक प्रदर्शनी को अवश्य देखें और भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानवता के संदेश से जुड़ें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिपरहवा अवशेष केवल पुरातात्विक धरोहर नहीं हैं, बल्कि वे भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह प्रदर्शनी भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।

क्या हैं पिपरहवा अवशेष?

पिपरहवा (उत्तर प्रदेश) में मिले ये अवशेष भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अस्थि-अवशेषों से जुड़े माने जाते हैं। इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार, ये अवशेष बौद्ध धर्म के प्रारंभिक काल की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका वैश्विक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व

इस प्रदर्शनी में विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बौद्ध भिक्षु और शोधकर्ता पहुंच रहे हैं। इससे न केवल भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को बल मिल रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर बुद्ध के शांति संदेश का प्रसार भी हो रहा है।

संस्कृति और आस्था का संगम

दिल्ली में आयोजित यह प्रदर्शनी इतिहास, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और विश्व शांति के मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि यह प्रदर्शनी हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है और सभी को समय निकालकर इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन करने चाहिए।

Continue Reading

Copyright © 2026 Vashishtha Media House Pvt. Ltd.