Connect with us

News

मोहन भागवत का दोटूक संदेश: RSS को राजनीति और ‘पैरामिलिट्री’ के नजरिए से देखना गलत

Published

on

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक कार्यक्रम के दौरान संघ की भूमिका और उसकी विचारधारा को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि RSS कोई ‘पैरामिलिट्री संगठन’ नहीं है, बल्कि यह समाज निर्माण और राष्ट्र सेवा से जुड़ा हुआ एक स्वयंसेवी संगठन है।

मोहन भागवत ने कहा कि RSS को केवल राजनीतिक चश्मे से देखना एक बड़ी भूल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघ को Bharatiya Janata Party (BJP) से जोड़कर देखना सही नहीं है, क्योंकि RSS का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रहित है।

“संघ का कार्य समाज के लिए है”

संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि RSS दशकों से समाज के विभिन्न क्षेत्रों—शिक्षा, सेवा, संस्कार और आपदा राहत—में कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि संघ का ढांचा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है और इसका स्वरूप पूरी तरह अहिंसक व स्वैच्छिक है।

राजनीतिक आरोपों पर प्रतिक्रिया

मोहन भागवत ने उन आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें RSS को अर्धसैनिक संगठन या राजनीतिक एजेंडा चलाने वाला समूह बताया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप संघ की विचारधारा और उसके कार्यों की सही समझ के अभाव में लगाए जाते हैं

बयान के सियासी मायने

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय में आया है जब RSS की भूमिका को लेकर लगातार राजनीतिक बहस होती रही है। भागवत का यह स्पष्ट संदेश है कि RSS अपनी स्वतंत्र पहचान और विचारधारा के साथ काम करता है, और उसे किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित करके देखना उचित नहीं।

Copyright © 2026 Vashishtha Media House Pvt. Ltd.