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नालागढ़ (सोलन), 1 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में 1 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:40 बजे पुलिस थाना के बाहर एक जोरदार IED धमाका हुआ, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। इस विस्फोट ने पुलिस थाना की बाहरी दीवार और आसपास के भवनों जैसे ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक तथा अन्य संरचनाओं के शीशों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और हिमाचल–पंजाब पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ ब्लास्ट में उपयोग किए गए विस्फोटक पदार्थ की जांच कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज तथा होटल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। The Tribune
बब्बर खालसा और PSA ने ली जिम्मेदारी
प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पंजाब सॉवरेन्टी अलायंस (PSA) ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान के माध्यम से इस धमाके की जिम्मेदारी ली है। उनके दावे के अनुसार, यह हमला कृत्रिम नशीले पदार्थों के हिमाचल प्रदेश में निर्माण और पंजाब भेजे जाने के खिलाफ किया गया है, जिसमें स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो अगली बार पुलिस वाहनों और मुख्यालयों को भी निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह उनकी “संरचना और भ्रष्ट व्यवस्था” के खिलाफ संघर्ष का हिस्सा है।
सरकारी प्रतिक्रिया और जांच जारी
हालांकि आतंक समूहों द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है, पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और दावों की सत्यता की पुष्टि के लिए सबूत एकत्रित कर रही हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि NIA और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ती चिंता
यह धमाका केवल एक स्थानीय घटना नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है, खासकर तब जब प्रतिबंधित संगठनों द्वारा स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह घटना अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क या सहयोग से प्रेरित थी।