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नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026 — देश के कई प्रमुख बैंकों ने अपने सेविंग अकाउंट (Savings Account) की ब्याज दरों में बदलाव की घोषणा की है। यह कदम मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, तरलता प्रबंधन और प्रतिस्पर्धी बैंकिंग माहौल को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नई दरें चुनिंदा खातों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जबकि कुछ बैंकों ने इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला किया है।
किन खातों पर पड़ा असर
बैंक सूत्रों के अनुसार, कम बैलेंस वाले सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरों में मामूली कटौती या यथास्थिति रखी गई है, जबकि उच्च बैलेंस वाले खातों पर कुछ बैंकों ने आकर्षक स्लैब-आधारित दरें पेश की हैं। डिजिटल सेविंग अकाउंट और प्रीमियम खातों में अपेक्षाकृत बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है।
क्यों किया गया बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जमा लागत को संतुलित करने और ऋण दरों के साथ तालमेल बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। इसके अलावा, Reserve Bank of India की मौद्रिक नीतियों और बाजार की तरलता का भी इस निर्णय पर प्रभाव पड़ा है।
ग्राहकों के लिए क्या करें
- अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच से नई ब्याज दरों की पुष्टि करें।
- यदि आपके खाते में उच्च बैलेंस रहता है, तो स्लैब-आधारित ब्याज वाले विकल्प देखें।
- बेहतर रिटर्न के लिए सेविंग अकाउंट के साथ एफडी/आरडी जैसे विकल्पों की तुलना करें।