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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसी कलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव में तड़के करीब 4 बजे ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत हो गई. स्थानीय लोगों और गौ रक्षकों का आरोप है कि बाबा गौ तस्करों का बाइक से पीछा कर रहे थे, जब तस्करों ने उन्हें ट्रक से कुचल दिया. पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य फरार बताए जा रहे हैं, और जांच जारी है.
विरोध प्रदर्शन और हिंसा
मौत की खबर फैलते ही हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) पर चक्का जाम कर दिया. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया. झड़प में कई लोग घायल हुए, और वीडियो फुटेज के आधार पर दंगाइयों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जा रही हैं.
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मथुरा एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ट्रक में गौवंश नहीं था, और यह सड़क हादसा प्रतीत होता है, हालांकि हत्या के आरोपों की जांच हो रही है. डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे में ट्रक ड्राइवर भी मारा गया, और स्थिति नियंत्रण में है. भारी पुलिस बल तैनात कर हाईवे बहाल किया गया, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है.
फरसा वाले बाबा कौन थे?
चंद्रशेखर ब्रज के विख्यात गौ सेवक थे, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था. उन्होंने गौ रक्षा के लिए जीवन समर्पित किया था और गौ रक्षकों की एक फौज तैयार की थी. उनकी मौत से संत समाज और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है, खासकर हाल की साधु-संत हत्याओं के बाद.