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Call Drop Issue: कॉल ड्रॉप एक ऐसी समस्या है जो लोगों को कई बार कम सिग्नल आने के चलते आती है. हालांकि, इस बार कॉल ड्रॉप होने का कारण कुछ अलग है. चलिए आपको बताते हैं इस बारे में.
फोन के साथ एक समस्या कॉल ड्रॉप होने की आती है. वैसे तो कॉल ड्रॉप का मुख्य कारण सिग्नल का न आना होता है. लेकिन इस बार कॉल ड्रॉप की परेशानी सिग्नल के चलते नहीं बल्कि चोरों के चलते आई है. जी हां, जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के कई मोबाइल टावर के डिवाइसेज चोरों ने उड़ा लिए हैं. पिछले कुछ महीनों में चोरों ने इन कंपनियों के 17 हजार से ज्यादा रेडियो रिसीवर चोरी कर लिए हैं. इन रिसीवर के चोरी होने से लोगों के फोन से नेटवर्क गायब हो गया और अचानक से कॉल ड्रॉप होने लगी.
कितने रेडियो रिसीवर हुए गायब:
जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के करीब 17,000 से ज्यादा रेडियो रिसीवर चोरी कर लिए गए. इसमें एयरटेल के 15,000, जियो के 1748 और Vi के 368 रिसीवर शामिल हैं. साइबर चोरी के बारे में तो सुना ही है लेकिन कोई रेडियो रिसीवर ही चोरी कर ले, ऐसा किस्सा पहली बार सुनने को मिला है. बता दें कि राजस्थान, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा चोरी के मामले देखने को मिले हैं. इस तरह की चोरी करने वाले एक गिरोह को पुलिस ने गाजियाबाद में धर-दबोचा है.
एक टेलीकॉम कंपनी के अनुसार, इन्हें चोरी करने के पीछे कोई बड़ा मकसद तो नहीं है लेकिन इन्हें कबाड़ के तौर पर चीन और बांग्लादेश भेजा जा रहा है. इसे कबाड़ के भाव भेजा जरूर जा रहा है ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इनका क्या किया जाएगा. इन डिवाइसेज को रीसेट किया जाएगा और इन्हें फिर से इस्तेमाल किया जाएगा.
टेलिकॉम कंपनियों को होता है कितना नुकसान:
टेलिकॉम कंपनियों के लिए इस रिसीवर के एक यूनिट की कीमत 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक होती है. ऐसे में जितनी यूनिट्स चोरी हुई हैं उसके हिसाब से जियो, एयरटेल और वीआई को करीब 500 से 700 करोड़ तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस मामले को लेकर टेलीकॉम कंपनियों ने की कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने टेलिकॉम डिपार्टमेंट को एक चिट्ठी लिखकर मामले की पूरी जानकारी दी है. इस शिकायत को लेकर सरकार की तरफ से मामले को निपटाने का आश्वासन दिया गया है.
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