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Tuesday, July 23, 2024

सलाखों के पीछे गए प्रज्वल रेवन्ना, कर्नाटक में इससे पहले भी कई नेता फंसे स्कैंडल में 

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Honey Trap And Scandal History: सेक्स स्कैंडल मामले में जेल जाने से प्रज्वल रेवन्ना की सियासी साख दाव पर लग गई है. कर्नाटक में ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई नेताओं ने इस तरह के मामलों में स्टे लिया है. वहीं कई का सियासी करियर खत्म हो गया है. आइये जानें कुछ केस…

कर्नाटक सेक्स स्कैंडल मामले में देश लौटे प्रज्वल रेवन्ना को SIT ने एयरपोर्ट ही गिरफ्तार कर लिया. उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से अदालत ने 6 जून तक के लिए कस्टडी में भेज दिया है. ट्रायल और सबूतों के बाद ही सिद्ध होगा की प्रज्वल इस मामले में पाक साफ है या दोषी. हालांकि, एक बात तय है की इससे उनकी सियासी साख पर गहरा असर पडेगा. ऐसा कर्नाटक में कोई पहली दफा नहीं है. उनसे पहले भी कई नेता ऐसे स्कैंडल या हनीट्रैप पॉलिटिक्स का शिकार हो चुके हैं.

कर्नाटक में पहले भी कई नेताओं के फोटो/वीडियो पब्लिक के सामने आ चुके हैं. हालांकि, इसमें से कई हनीट्रैप पॉलिटिक्स साबित हुए हैं. राज्य के कई नेता ऐसे वीडियो/फोटो को लेकर कोर्ट से स्टे भी ले चुके हैं. अभी भी कुछ मामले कोर्ट में हैं. आइये जानें कुछ मामले जहां स्कैडल/हनीट्रैप पॉलिटिक्स में नेताओं का करियर ही खत्म हो गया.

वो मामले जो खा गए नेताओं का करियर

–  रमेश जारकीहोली का सेक्स स्कैंडल

– अरविंद लिंबवली से जुड़ा वायरल अश्लील वीडियो

– एच वाई मेती का वायरल वीडियो

– रघुपति भट्ट का सेक्स स्कैंडल का जुड़ा वीडियो

– विधायक रहे रेणुकाचार्य पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप

रमेश जारकीहोली केस

2021 में मंत्री रहे रमेश जारकीहोली का सेक्स स्कैंडल में नाम आया था. इस कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. वायरल वीडियो में वो महिला के साथ नजर आ रहे थे. इसमें आरोप लगाया गया था कि वो महिला को नौकरी देने के नाम पर यौन उत्पीड़न कर रहे थे. हालांकि, मामले में पीड़िता ने शिकायत वापस ले ली और केस बंद हो गया.

अरविंद लिंबवली केस

2019 में कर्नाटक BJP के महासचिव अरविंद लिंबवली से जुड़ा अश्लील वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में वो एक लड़के के साथ दिख रहे थे.फोरेंसिक जांच में वीडियो फर्जी पाया गया. हालांकि मामले के बाद लिंबवली का पॉलिटिकल करियर खत्म हो गया. कभी प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार रहे लिंबवली अब तक कोई चुनाव ही नहीं लड़ाया गया.

एच वाई मेती केस

2016 में कर्नाटक के आबकारी मंत्री एच वाई मेती का भी एक वीडियो सामने आया था. इसमें वो महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए थे. इसे कई चैनलों ने दिखाया था जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. आरोप था कि उन्होंने मदद देने के नाम पर सेक्शुअल फेवर लिया. केस CID के पास पहुंचा और कुछ दिनों में महिला ने केस वापस ले लिया.

रघुपति भट्ट केस

2013 में BJP के तत्कालीन MLA रघुपति भट्ट का नाम भी का सेक्स स्कैंडल से जुड़ा. इसे मुंबई का बताया गया जिसे लोकल चैनलों ने जमकर चलाया था. भट्टे ने इसे सियासी साजिश बताया और वीडियो को फर्जी बताया था. बाद में रघुपति भट्ट ने खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया.

रेणुकाचार्य केस

2007 में BJP विधायक रहे रेणुकाचार्य की फोटो एक महिला ने वायरल कर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था. इसमें रेणुकाचार्य महिला को गले लगाकर किस कर रहे थे. हालांकि, रेणुकाचार्य ने मामले को फर्जी बताकर टाल दिया था. महिला ने भी कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी.

ये नेता ले चुके हैं स्टे

इस तरह के वीडियो/फोटो प्रसारित न करने को लेकर पूर्व डिप्टी CM केएस ईश्वरप्पा के बेटे ने कोर्ट से स्टे ऑर्डर लिया है.

इनके अलावा कर्नाटक के पूर्व CM सदानंद गौड़ा भी इस तरह के वीडियो को लेकर कोर्ट से स्टे ले चुके हैं.

सभी को होता है डर

कर्नाटक कांग्रेस नेता एम. लक्ष्मण के अनुसार, कर्नाटक के 14 से ज्यादा नेता सिविल कोर्ट से इस तरह के मामलों पर स्टे ले चुके हैं. इसमें से कई तो विधायक, पूर्व विधायक और मंत्री भी हैं. उन्होंने कहा कि 2017-18 में ये सिलसिला शुरू हुआ था. इन नेताओं में BJP-कांग्रेस दोनों से संबंध रखने वाले नेता हैं. सभी को डर होता है चुनावों में उनके वीडियो न सामने आ जाएं.

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