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राकेश वर्मा आजमगढ़/संसद वाणी : जनपद के बार एसोसिएशन के तत्वावधान में बुधवार को काला दिवस मनाते हुए कलेक्ट्रेट क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया। वहीं अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपने अधिकारों व मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की और अपनी उपेक्षा का आरोप लगाया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 22 सितंबर को प्रयागराज में सभी जनपद के बार एसोसिएशन की बैठक हुई थी। जिसमें यह प्रस्ताव पास किया गया था कि सरकार के द्वारा अधिवक्ताओं की लगातार उपेक्षा को देखते हुए 25 सितंबर को काला दिवस मनाते हुए प्रदर्शन किया जाएगा और ज्ञापन सभी जिला मुख्यालय से CM को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक प्रक्रिया का सजगता से निष्ठावान होकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है।
न्यायिक अधिकारियों को लाखों रुपए महीना प्रदान किया जाता है। तमाम सुख सुविधा व सुरक्षा दी जाती है। लेकिन अधिवक्ता बिना किसी अनुदान व मानदेय के गर्मी, धूप, सर्दी, बरसात, टिन शेड के नीचे, दीवार के सहारे कर्तव्य का निर्वहन करता है। लेकिन अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार कोई सुधि नहीं ले रही है। अधिवक्ताओं की हत्या हो जा रही है। कोलकाता में डॉक्टर की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट इसको स्वत: संज्ञान में लिया था। लेकिन अधिवक्ताओं के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा है। जबकि उनकी कोर्ट के द्वारा आएदिन अवमानना की जा रही है। वहीं न्यायिक प्रक्रिया में देरी को लेकर अधिवक्ताओं को जिम्मेदार ठहराया जाता है जबकि हकीकत कुछ और है। कहा कि सुरक्षा को लेकर अधिवक्ताओं के हित में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराया जाए। बैठने के लिए स्थाई चैंबर व वाहन खड़ा करने के लिए सुदृढ़ पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बीमा मुआवजा की व्यवस्था हो। इसके अलावा अन्य भी मांग हैं।
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