Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
केरल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने की चोरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने पूरे राज्य में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गुरुवार को ED ने केरल और उससे जुड़े अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर मनी लॉन्ड्रिंग, संगठित अपराध और संभावित आतंकी फंडिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, चोरी किया गया सोना सिर्फ धार्मिक संपत्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके अवैध नेटवर्क के जरिए सीमा पार तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ED को संदेह है कि इस रैकेट के तार हवाला, अंडरवर्ल्ड और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं, जिससे मामला केवल चोरी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का रूप ले चुका है।
सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान कई डिजिटल सबूत, बैंक लेन-देन रिकॉर्ड और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कुछ स्थानों पर पूछताछ के दौरान संदिग्धों के बयान परस्पर विरोधाभासी पाए गए, जिससे जांच एजेंसियों को गहरी साजिश का संकेत मिला है।
सुरक्षा एजेंसियों ने सबरीमाला क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोने की चोरी के पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में हुआ है, तो यह मामला आने वाले दिनों में और भी गंभीर मोड़ ले सकता है। ED ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे इस खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है।