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वाराणसी

निक्षय दिवस पर टीबी रोगियों को प्रदान की गईं पोषण पोटली

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स्वास्थ्य केन्द्रों व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर टीबी जांच संबंधी दी गईं सेवाएँ

जनपद की सभी टीबी यूनिट पर वितरित की गईं 165 पोषण पोटली

वाराणसी/संसद वाणी : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम व टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों, टीबी यूनिट व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ‘एकीकृत निक्षय दिवस’ मनाया गया। साथ ही बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई और संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों का बलगम एकत्र कर जांच के लिए भेजा गया। इसके अलावा अन्य संक्रमित बीमारियों जैसे डेंगू, कालाजार व फाइलेरिया की भी जांच की गयी। संभावित लक्षण युक्त व्यक्तियों को जांच के लिए रेफर किया गया।
दुर्गाकुंड नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थित टीबी यूनिट में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय के द्वारा गोद लिए गए क्रमशः 10 व 5 क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गई। सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि नियमित दवा के सेवन साथ ही प्रोटीन व विटामिन युक्त आहार क्षय रोगियों के लिए बेहद आवश्यक है। इसलिए सभी क्षय रोगी नियमित दवा सेवन के साथ-साथ पोषक आहार पर भी अवश्य ध्यान दें। निक्षय दिवस का उद्देश्य अधिक से अधिक टीबी मरीजों को चिन्हित कर उन्हें उपचार मुहैया कराना है। साथ ही दवा व पोषण सामग्री के सहयोग से उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ बनाना है।
डीटीओ डॉ पीयूष राय ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह से संभव है। टीबी की दवा पूरी अवधि तक लेना है और एक भी दिन दवा छूटनी नहीं चाहिए। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों और चिकित्सालयों में टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके लक्षण नजर आते ही तत्काल जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए क्षय रोगियों को सम्पूर्ण उपचार के साथ भावनात्मक सहयोग भी दिया जा रहा है। जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर क्षय रोगियों को पोषण व भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए लोग आगे आएं।


शुरुआती पहचान व उपचार से ठीक होगी टीबी –

जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि यदि टीबी की पहचान शुरुआती दिनों में हो जाए तो मरीज छह माह के सम्पूर्ण उपचार से ठीक हो जाता है। टीबी का इलाज अधूरा छोड़ने पर यह गंभीर रूप लेकर मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के रूप में सामने आतीहै। टीबी के मरीज ड्रग रेजिस्टेंट न हों इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला टीबी नियंत्रण इकाई मरीजों का नियमित फॉलोअप कर रही है। इतना ही नहीं टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार के दौरान प्रतिमाह 500 रुपये पोषण भत्ते के रूप में सीधे मरीज के खाते में भेजे जाते हैं।


यहाँ वितरित हुईं पोषण पोटली –

जिला पीपीएम समन्वयक नमन गुप्ता ने बताया कि शहरी सीएचसी काशी विद्यापीठ टीबी यूनिट, शहरी सीएचसी शिवपुर टीबी यूनिट, एसवीएम राजकीय चिकित्सालय टीबी यूनिट, शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड टीबी यूनिट एवं एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय टीबी यूनिट पर टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गईं। दिवस पर जनपद के सभी टीबी यूनिट पर लगभग 165 टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गयीं।
इस मौके पर नगरीय स्वास्थ्य समन्वयक आशीष सिंह, एसटीएस उदय सिंह, एसटीएस अभिषेक प्रताप, टीबी यूनिट के समस्त कर्मी समेत अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

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