रायपुर, 24 फरवरी 2026 — छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में एक मजबूत और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) चालू मूल्यों पर 11.57 प्रतिशत की वृद्धि के साथ लगभग 6.31 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की समीक्षा बताते है कि इस वर्ष राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि हुई है — जो विकास के व्यापक आधार को रेखांकित करती है।
मुख्य आंकड़े:
- GSDP वृद्धि दर: 11.57% (चालू कीमतों पर)
- GSDP अनुमान: लगभग 6.31 लाख करोड़
- पर व्यक्ति आय: अनुमानित वृद्धि 10.07%, लगभग ₹1.79 लाख
कृषि क्षेत्र में प्रगति
कृषि और संबद्ध गतिविधियों में 12.53% की वृद्धि हुई है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी उपयोग और सरकारी कृषि-समर्थक नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। इस वृद्धि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
औद्योगिक विकास
औद्योगिक क्षेत्र में 10.26% की बढ़त दर्ज की गई है, जो निवेश, अधोसंरचना विकास और उद्योगों के विस्तार से प्रेरित है। उद्योग क्षेत्र का योगदान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सेवा क्षेत्र में उछाल
सेवा क्षेत्र में 13.15% की वृद्धि हुई है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी, व्यापार और पर्यटन जैसे उप-क्षेत्रों का विस्तार प्रमुख रहा है। इसका सीधा असर रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा है।
विश्लेषक क्या कह रहे हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि तीनों प्रमुख क्षेत्रों में समेकित विकास से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का ढांचा और मजबूत होगा तथा यह भविष्य में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में एक अग्रणी भूमिका निभा सकता है। बढ़ती प्रति व्यक्ति आय ने नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद भी जगाई है।