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सुशील चौरसिया
वाराणसी/संसद वाणी : बीएचयू प्रशासन के योजनाबद्ध तरीके से महामना के सपनों के बीएचयू को नष्ट करने की कोशिश के खिलाफ पिछले 7 दिनों से अनशनरत बीएचयू अस्पताल के ख्यातिलब्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ ओम शंकर जी की मुहिम के समर्थन में बीएचयू के छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर एकदिवसीय सामूहिक उपवास रखा।
छात्रों ने कहा कि महामना की बगिया को बचाने के लिए गांधी – मालवीय – आजाद की प्रेरणा से हमलोग आज इस सामूहिक उपवास पर बैठे हैं , ग्रीन बीएचयू – क्लीन बीएचयू और करप्शन फ्री बीएचयू की लड़ाई डॉ. ओम शंकर की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, ये लड़ाई मालवीय जी के सपनों को जीने वाले हर व्यक्ति की लड़ाई है। जिस प्रकार से आज बीएचयू प्रशासन संवादहीनता और हिटलरशाही का परिचय दे रहा है, वो शर्मनाक है।
हृदय रोग की समस्या में लगातार इजाफा हो रहा है, विश्वविद्यालय की कमिटी ने 8 मार्च 2024 के बाद 50 बेड से अधिक के वार्ड को अविलंब ह्रदय रोगियों के लिए आवंटित किए जाने का सुझाव दिया था। ऐसे में आखिर क्या मजबूरी है कि एक सत्यापित अपराधी जिसपे सैकड़ों यूनिट खून के गबन का आरोप है, उस व्यक्ति को सुंदरलाल जैसे महत्वपूर्ण अस्पताल की जिम्मेदारी प्रावधानों के विपरीत जाकर दिया हुआ है।
छात्रों ने कहा कि हम इस भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हैं और इस लड़ाई को गांधीवादी सत्याग्रह के रास्ते पर चलते हुए आगे बढ़ाएंगे।
इस दौरान मुरारी, गुरूशरण, विशाल गौरव, धर्मेंद्र पाल, प्रियदर्शन मीना, राहुल, दीपक, Slowly, अमन, सुमन आनंद, लोकेश, अजीत, राणा रोहित, शुभम समेत दर्जनों छात्र एकदिवसीय सामूहिक उपवास में सम्मिलित रहे।
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