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मार्च के महीने में ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 40 डिग्री के करीब दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह सामान्य से अधिक तापमान है और आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है।
कई राज्यों में बढ़ा तापमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई शहरों में दिन का तापमान 35–38°C तक पहुंच गया है, जबकि राजस्थान के कुछ इलाकों में पारा 40°C से भी ऊपर दर्ज किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में भी मार्च के दूसरे सप्ताह में तापमान 36–38°C तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल गर्मी सामान्य से पहले शुरू हो गई है।
सामान्य से 4–8°C ज्यादा तापमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। यह स्थिति शुरुआती हीटवेव का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के बाद अचानक तापमान बढ़ने से मार्च में ही गर्मी तेज महसूस हो रही है।
किसानों के लिए चिंता का कारण
अचानक बढ़ती गर्मी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि मार्च में तापमान अधिक रहता है तो गेहूं की फसल पर इसका असर पड़ सकता है। ज्यादा तापमान से दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन कम होने का खतरा रहता है।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या धूलभरी आंधी से थोड़ी राहत मिल सकती है।