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25 जनवरी 2026 — भारत मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ठंड की आगाह जारी की है। इस मौसम प्रणाली के चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है।
मुख्य चेतावनियाँ
- IMD ने उत्तर भारत के 12 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के साथ ठंड बढ़ने की चेतावनी दी है।
- दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट और तेज हवाओं का प्रभाव रहेगा।
- अगले दिनों बारिश, ओलावृष्टि, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ मौसम और उग्र हो सकता है।
पहाड़ों का हाल
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। एसडीआरएफ ने उत्तारकाशी और नैनिताल जिलों में सैकड़ों लोगों को बचाया है।
- बागेश्वर (उत्तराखंड) में लगातार बर्फबारी के कारण बिजली कट, संचार बाधित और कई वाहन फंसे रहे। स्थानीय लोग राहत एवं सेवाओं की बहाली की अपील कर रहे हैं।
मैदानी इलाकों में मौसम
- गुड़गांव जैसे इलाकों में हल्की बारिश के बाद तापमान में लगभग 7°C गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने घने कोहरे और ठंडे हवाओं के लिए चेतावनी जारी की है।
- राजस्थान के 25 जिलों में 26 जनवरी को लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और ठंड बनी रहने का अनुमान है।
गणतंत्र दिवस पर भी असर?
पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि 26-27 जनवरी को भी जारी रहने की संभावना के कारण गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के मौसम को लेकर लोगों में चिंता है। IMD के पूर्वानुमानों के मुताबिक, कुछ इलाकों में बारिश-बर्फबारी के साथ तेज हवाओं की स्थिति हो सकती है।
मौसम विज्ञान की व्याख्या
IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती मौसम प्रणाली है जो यूरोप-पाकिस्तान की दिशा से आते हुए हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करती है। इससे:
- बारिश और बर्फबारी का विस्तार उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भारत में होता है।
- तेज हवाएँ, ओलावृष्टि, बिजली के साथ मौसम उग्र रूप ले सकता है।
- घना कोहरा और ठंड-लहर मैदानी इलाकों में भी प्रभावी रहती है।