Connect with us

राजनीति

‘खेला शुरू, ज्यादा दिन नहीं टिकेगी NDA सरकार’, यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद बोली ममता बनर्जी

Published

on

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार अस्थिर है और हो सकता है कि यह अपना कार्यकाल पूरा न कर पाए। बनर्जी ने शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुंबई के बांद्रा स्थित उनके आवास ‘मातोश्री’ में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वह अपने मुंबई प्रवास के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार से भी मुलाकात करेंगी।

‘खेला शुरू हो गया है’

ठाकरे के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, ‘‘संभव है कि यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा न कर पाए। यह सरकार स्थिर नहीं है।” जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से इस बयान को स्पष्ट करने को कहा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘खेला शुरू हो गया है, यह जारी रहेगा।” केंद्र सरकार ने 1975 में 25 जून को आपातकाल लगाने की याद में हर साल इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के तौर पर मनाने की घोषणा की है। इस बारे में पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा कि आपातकाल जैसा अधिकतर समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देखने को मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य कानून के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लाने के लिए संसद में विधेयक पेश करने से पहले किसी से विचार-विमर्श नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इन तीनों विधेयकों को तब पारित किया गया जब बड़ी संख्या में सांसद निलंबित थे और कई लोग इन कानूनों से भयभीत हैं। बनर्जी ने कहा, ‘‘हम आपातकाल का समर्थन नहीं करते…लेकिन धर्मार्थ कार्य घर से शुरू होता है।”

मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से शिवसेना उम्मीदवार की महज 48 मतों से हुई हार का संदर्भ देते हुए बनर्जी ने कहा कि इसी तरह की जीत कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी दर्ज की गई। विपक्ष के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ समझौता नहीं कर सकती क्योंकि उनकी पार्टी वाम मोर्चा को हराकर सत्ता में आई है। बनर्जी ने कहा कि ठाकरे गुट से नाम और चुनाव चिह्न छीन लेना ‘पूरी तरह से अनैतिक” है लेकिन ठाकरे गुट शेर की तरह लड़ा।

शिवसेना का जून 2022 में विभाजन हो गया था

शिवसेना का जून 2022 में विभाजन हो गया था और पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न ‘तीर और धनुष’ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत गुट को दे दिया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगी। शिवसेना (यूबीटी) और बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) का हिस्सा हैं। लोकसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं। 

Continue Reading
Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Copyright © 2026 Vashishtha Media House Pvt. Ltd.