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Viral Video: यूपी पुलिस (UP Police) ने सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल एक वीडियो को लेकर गलत दावों का खंडन किया है। वीडियो में दावा किया गया था कि उत्तर प्रदेश में जनता पुलिस के समर्थन में नारे लगा रही है, जिसमें “यूपी पुलिस, तुम लाठी बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारे सुनाई देते हैं। हालांकि, यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो राजस्थान के जयपुर का है, जहां 25 सितंबर, 2025 को स्थानीय नेता नरेश मीणा के समर्थकों ने ट्रिवेणी नगर से गुरुजर की ठाड़ी तक मशाल जुलूस निकाला था।
वीडियो में क्या था गलत?
वीडियो में मूल रूप से राजस्थान के जयपुर में हुई घटना को दिखाया गया था, लेकिन उस पर फर्जी वॉयसओवर जोड़कर उसे उत्तर प्रदेश से जोड़ने की कोशिश की गई। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर “जेन-जेड मूवमेंट” के रूप में प्रचारित किया गया, जो पूरी तरह से भ्रामक और गलत है।
यूपी पुलिस का बयान
यूपी पुलिस ने इस वीडियो को फर्जी करार देते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश से संबंधित नहीं है और अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह की सूचना @uppviralcheck पर दी जाए।
डीपफेक और मिसइन्फॉर्मेशन का खतरायह घटना भारत में डीपफेक और मिसइन्फॉर्मेशन के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। न्यूजचेकर जैसे फैक्ट-चेकिंग प्लेटफॉर्म्स ने भी वीडियो की सच्चाई की पुष्टि की है और बताया है कि यह वीडियो राजस्थान से संबंधित है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनीयूपी पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 505 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से अफवाह फैलाने को दंडनीय अपराध मानती है।
इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी को सत्यापित करना कितना जरूरी है। यूपी पुलिस का यह कदम मिसइन्फॉर्मेशन से लड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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