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मधुबनी, बिहार: बुधवार (26 नवंबर 2025) की रात, मधुबनी जिले के लखनौर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बलिया और खैरी गांव के बीच एक छोटे से पुल पर, रफ्तार से चल रही एक कार अचानक अनियंत्रित हुई और नीचे गहरे पानी में जा समाई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था; यह दो परिवारों के सपनों और खुशियों का अंत था।
क्षण भर में सब खत्म
दुर्भाग्यपूर्ण कार में दो लोग सवार थे:
- श्री चंद्रमोहन झा (लगभग 60 वर्ष): एक सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मी, जो देश सेवा के बाद अब अपने गाँव में शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे थे।
- पूरन माली (लगभग 45 वर्ष): उनके भरोसेमंद और मेहनती कार चालक।
माना जा रहा है कि पुल के पास सड़क पर मौजूद एक गड्ढा इस हादसे का कारण बना। एक छोटा सा गड्ढा, जिसने देखते ही देखते दो जीवन लील लिए। स्थानीय लोगों ने चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचने की हिम्मत की। घंटों की मशक्कत के बाद, जब कार का पिछला शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला गया, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी।
सूनी हो गईं दो कोख
चंद्रमोहन झा जी के घर में अब सन्नाटा पसरा है। वह देश का गौरव थे, और अब उनकी अचानक अनुपस्थिति से उनकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं, पूरन माली जी के परिवार में मातम छाया है। एक सामान्य चालक, जो हर दिन अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने निकलता था, अब कभी घर नहीं लौटेगा। उनके छोटे-छोटे बच्चों को शायद अभी यह भी नहीं पता कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। कौन संभालेगा अब उनके परिवार को?
सवाल जो अनसुलझे रहे
यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या इस पुल की मरम्मत समय पर हुई होती? क्या एक छोटा सा गड्ढा इतना खतरनाक हो सकता है कि वह दो जान ले ले?
यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना क्षणभंगुर है और कैसे प्रशासन की लापरवाही (यदि कोई थी) किसी भी पल एक घर की खुशियां छीन सकती है।
हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।