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आजमगढ़/संसद वाणी : जनपद में ठंड के समय में कई प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा अलग-अलग तालों पर लगा रहता है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता का सबब उनकी सुरक्षा है। खाने के लिए उनका शिकार किया जाता है। इसके लिए पक्षी पकड़ने वाले इन पक्षियों को पकड़ने के लिए तमाम प्रयास करते रहते हैं। इसलिए उन शिकारियों पर लगाम लगाना वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इसी क्रम में आजमगढ़ के डिस्ट्रिक्ट फारेस्ट ऑफिसर जीडी मिश्रा ने बताया कि जनपद में कई वेट लैंड है जहां पर स्थानीय पक्षियों का जमावड़ा तो लगा ही रहता है वहीं ठंड के समय में सारस व साइबेरियन पक्षियों का भी आना-जाना लगा रहता है। जब तक ठंड कम नहीं हो जाती तब तक यह यहीं पर रहते हैं। अपना खाते पीते हैं। अंडा देते हैं और लुक छिपकर रहते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर जनपद में वन विभाग की तरफ से 10 टीमों को लगाया गया है। सगड़ी के सलोना ताल में सैकड़ो प्रजातियों के पक्षियों का जमाना रहता है। वहीं बड़ैला ताल में भी सारस और साइबेरियन पक्षियों का आना जाना लगा रहता है। इसके अलावा नर्वे में और अतरौलिया में भी कई ताल हैं। जहां पर वन विभाग की टीमों को लगाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इन प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए इनका शिकार कत्तई ना किया जाए। यह गैरकानूनी है और ऐसा करते पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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