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Malvani News: मुंबई के मालवणी इलाके में एक बार फिर अवैध निर्माण की घटना सामने आने वाली है, जो म्हाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) अधिकारियों की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर करती है। समाना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 स्थित ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी द्वारा पुराने वॉटर टैंक पर खुले शेड (ओपन शेड) का निर्माण शुरू होने वाला है। यह निर्माण पूरी तरह अवैध है, क्योंकि सोसाइटी को पहले ही म्हाडा द्वारा दो गार्डन आवंटित किए जा चुके हैं। फिर भी, सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव जिद्द पर अड़े हुए हैं, और आश्चर्यजनक रूप से शेड के लिए आवश्यक सामग्री विधायक असलम शेख द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
ब्लूप्रिंट से साफ उजागर हो रही सच्चाई
सोसाइटी के ब्लूप्रिंट में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि वॉटर टैंक वाली जगह पर कोई गार्डन का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद, सोसाइटी यहां शेड बनाकर विभिन्न कार्यक्रमों जैसे नृत्य-संगीत आयोजनों की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी घातक साबित हो सकता है। वॉटर टैंक की उम्र 10 वर्ष से अधिक बताई जा रही है, और यदि बच्चे या आयोजन के दौरान यह ढांचा ढह गया, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई है कि ऐसी लापरवाही जानलेवा हादसों को न्योता दे रही है।
म्हाडा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सवाल उठता है कि जब सोसाइटी को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो वॉटर टैंक पर शेड की क्या जरूरत? सूत्रों के अनुसार, म्हाडा के भ्रष्ट अधिकारी सोसाइटी को इस अवैध कार्य में खुला सहयोग दे रहे हैं। हर बार जब मीडिया या स्थानीय फेडरेशन द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत की जाती है, तो जांच में महीनों की देरी होती है। कार्रवाई होती भी है, तो अधूरी रहती है—जिससे सोसाइटी के पदाधिकारियों का हौसला बढ़ता है।
पिछले कुछ वर्षों में फेडरेशन ने कई अवैध निर्माणों की शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन म्हाडा ने केवल एक को तोड़ा, बाकी को अनदेखा कर दिया। फेडरेशन पर 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो आज तक चुकाया नहीं गया, फिर भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। यह पैटर्न संदेह पैदा करता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही ऐसे कार्य हो रहे हैं। हाल ही में म्हाडा के एक अधिकारी को अवैध शेड के मामले में रिश्वत लेते गिरफ्तार भी किया गया था, indianexpress.com जो इस समस्या की गहराई को दर्शाता है।
मीडिया हाउस के एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा, “म्हाडा अधिकारियों की यह लापरवाही राज्य के खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रही है। 2019 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने ही ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जहां डेवलपर्स ने सरेंडर एरिया न देकर 40,000 करोड़ का घाटा पहुंचाया।” timesofindia.indiatimes.com फिर भी, सुधार की कोई गति नहीं।
रोहित शिंदे और मकाने जैसे अधिकारियों पर सवाल
हमारी मीडिया ने पहले भी चेतावनी दी थी कि जब तक म्हाडा में रोहित शिंदे और मकाने जैसे अधिकारी पद पर बने रहेंगे, तब तक अवैध निर्माणों का सिलसिला जारी रहेगा। इन अधिकारियों पर लापरवाही के कई आरोप लग चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन अधिकारियों को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि मालवणी जैसे इलाकों में सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
निवासियों की मांग: तत्काल कार्रवाई
स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सिर्फ एक शेड का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की विफलता है। म्हाडा को ब्लूप्रिंट की जांच कर तुरंत निर्माण रोकना चाहिए। यदि समय रहते एक्शन नहीं लिया गया, तो बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।” वे राज्य सरकार से अपील कर रहे हैं कि विधायक असलम शेख की भूमिका की भी जांच हो।
म्हाडा ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सोसाइटी पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। यदि आपके पास इस संबंध में कोई जानकारी या फुटेज है, तो हमें संपर्क करें: sansadvani@gmail.com।
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