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नई दिल्ली, 4 मार्च 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच भारत सरकार ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवा शुरू की है, ताकि संकट में फंसे भारतीयों को तुरंत सहायता मिल सके।
सरकार ने यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव—खासकर ईरान, इजरायल और अन्य खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष—को देखते हुए उठाया है। इस संघर्ष के कारण कई जगहों पर हवाई और समुद्री गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और हजारों भारतीय नागरिक वहां मौजूद हैं।
24×7 कंट्रोल रूम से मिलेगी मदद
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह विशेष कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और संकटग्रस्त क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों को आवश्यक जानकारी, सलाह और सहायता उपलब्ध कराएगा। भारतीय दूतावासों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद प्रदान करें।
सरकार ने भारतीयों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
विदेश मंत्रालय ने सहायता के लिए कुछ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1800-11-8797
- फोन: +91-11-2301-2113
- फोन: +91-11-2301-4104
- फोन: +91-11-2301-7905
इसके अलावा, ईरान, इजरायल, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और यूएई जैसे देशों में स्थित भारतीय दूतावासों ने भी अपने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी कर रहे स्थिति की निगरानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र के कई देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। भारत सरकार का मुख्य लक्ष्य वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ सकता है।