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Yogi Adityanath: एक पत्रकार ने अपनी किताब में दावा किया है कि 2021 में बीजेपी ने पूरी तैयारी कर ली थी कि योगी आदित्यनाथ को यूपी के सीएम पद से हटाया जाएगा. हालांकि, आखिर में कुछ ऐसा हुआ कि बीजेपी ने अपने इस प्लान को बीच में ही रोक दिया. दावा है कि इसी के चलते वह तस्वीर सामने आई थी जिसमें बीजेपी के दो दिग्गज नेता एकसाथ देखे गए थे. पत्रकार की किताब का यह हिस्सा अब सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर रहा है.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लेकर कई बार दावे किए जाते हैं कि इस पार्टी में भी कई धड़े हैं. कई बार विपक्षी नेता आरोप लगाते हैं कि योगी आदित्यनाथ को नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी पसंद नहीं करती है. इस बार के लोकसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि बीजेपी जीती तो जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे को किनारे किया गया, वैसे ही योगी आदित्यनाथ को भी हटा दिया जाएगा. हालांकि, बीजेपी नेता इससे इनकार करते रहे हैं. अब एक वरिष्ठ पत्रकार ने दावा किया है कि 3 साल पहले यानी साल 2021 में ही योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटाने की तैयारी थी. हालांकि, बाद में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सब बदल दिया. इसके बाद न सिर्फ योगी आदित्यनाथ अपनी कुर्सी पर बने रहे बल्कि 2022 में उन्हीं की अगुवाई में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भी जीता.
इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े पत्रकार श्यामलाल यादव ने एक किताब लिखी है. इस किताब का नाम ‘At The Heart of Power: The Chief Ministers of Uttar Pradesh’ है. इस किताब के मुताबिक, 2017 में बंपर बहुमत से आई बीजेपी 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलना चाहती थी. इसके लिए लखनऊ और दिल्ली में कई बैठकें हुईं. बीजेपी और आरएसएस के नेता मिले और कई चर्चाएं हुईं. लगभग तय हो चुका था कि योगी आदित्यनाथ को सीएम पद से हटाया जाए और नए चेहरे के साथ विधानसभा चुनाव में उतरा जाए.
क्यों नहीं हटाए गए योगी आदित्यनाथ?
हालांकि, आखिरी वक्त में यह एहसास हुआ कि यह फैसला बैकफायर भी कर सकता है. यही वजह रही कि इसके बारे में योगी आदित्यनाथ को कोई सूचना नहीं दी गई. मई-जून में ये बैठके हुईं लेकिन इस पर पूर्ण विराम लगा नवंबर 2021 में. उस समय खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ गए थे. उन्होंने वहीं पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इसी मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें आईं जो आज भी खूब चर्चा बटोरती हैं. एक तस्वीर में पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ बात करते दिखे. दूसरी में फोटो पीछे से खींची गई और पीएम मोदी का हाथ, सीएम योगी के कंधे पर था.
इस तस्वीर के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई कि कोई बदलाव नहीं होगा. बीजेपी ने यही संदेश दिया भी कि चुनाव के पहले और चुनाव के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ ही रहेंगे. खुद योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल से ये तस्वीरें शेयर कीं. इन तस्वीरों का कैप्शन भी बड़ा रोचक था. इसमें लिखा गया था:-
दरअसल, 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी ने केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में लड़ा था. 2021 आते-आते केशव और योगी के बीच मतभेद होने लगे. आखिर में संघ के नेताओं ने दखल दिया और 22 जून 2021 को अचानक सीएम योगी केशव प्रसाद मौर्य के घर पहुंच गए. यहां से थोड़ा डैमेज कंट्रोल हुआ और दोनों के रिश्तों में थोड़ा सुधार भी हुआ.
फिर से बढ़ रही हैं दूरियां?
2024 के लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से इसी तरह की दूरियों की खबरें फिर से आने लगी हैं. चुनाव नतीजे आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग ली तो उसमें से दोनों डिप्टी सीएम यानी केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नदारद थे. दोनों की गैरमौजूदगी के कारण अलग-अलग बताए गए. हालांकि, अभी भी केशव प्रसाद मौर्य उस तरह से योगी आदित्यनाथ के साथ नहीं दिखे हैं. दूसरी तरफ, अरविंद केजरीवाल समेत तमाम विपक्षी नेताओं के दावे हैं जिनमें कहा गया कि चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ को सीएम पद से हटाया जाएगा.
अब योगी आदित्यनाथ RSS के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करने वाले हैं. यह मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है जब संघ और बीजेपी के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है. संघ के नेता खुलेआम सरकार की आलोचना कर चुके हैं. हालांकि, अब इन बयानों को लेकर डैमेज कंट्रोल की कोशिशें भी शुरू कर दी गई हैं.
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