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आजमगढ़/संसद वाणी : शिक्षा हमें सभ्य बनाती है और सभ्य समाज एक आदर्श समाज का निर्माण करता है और सभ्य समाज श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण करता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में आज 8 जुलाई से शिक्षकों और कर्मचारियों की डिजिटल अटेंडेंस लगा रही है। प्रदेश में जहां प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों, स्टॉफ और बच्चों की डिजिटल हाजिरी पहले 15 जुलाई से की जानी थी, लेकिन अब इसे एक हफ्ते पहले ही लागू कर दिया गया है। महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि शिक्षक अपनी उपस्थिति डिजिटल पद्धति से करेंगे। वहीं इस मामले को लेकर पूरा शिक्षक वर्ग विरोध कर रहा है।
भारत का ज्ञान पूरे विश्व में श्रेष्ठ थी लेकिन गुलामी के कालखंड में इस पर ग्रहण लग गया। जिसको फिर से व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सरकार ने शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल तरीके से करने का आदेश दे दिया, जिससे शिक्षक शिक्षण कार्य को ठीक से करते रहे लेकिन शिक्षकों ने इसमें कुछ कमियों को बताकर इसका विरोध करना शुरू कर दिया। एक शिक्षक का कहना है कि हम डिजिटल अटेंडेंस का विरोध तो नहीं कर रहे लेकिन जिस तरह से लागू किया जा रहा है उसका विरोध कर रहे है। खराब मौसम में, अपने बच्चे की तबियत खराब होने की स्थिति में कैसे अटेंडेंस लगा पाएंगे, इसमें सुधार हो। दूसरे शिक्षक नेता ने शिक्षको के हित की अन्य मांगों को लेकर डिजिटल अटेंडेंस के विरोध करने की बात कही।
इस डिजिटल अटेंडेंस पर आजमगढ़ जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आज से जिले में डिजिटल अटेंडेंस शुरू हो चुका है जिसमें कुल 2708 विद्यालय और 15459 शिक्षक है। शिक्षकों को हमने उनकी समस्या जानने के लिए बुलाया है। अटेंडेंस की मॉनिटरिंग हमारे यहां से भी हो रही है, ब्लॉक स्तर पर भी हो रही है। खंड शिक्षा अधिकारी भी मॉनिटरिंग कर रहे है। उन्होंने कहा कि जो भी प्रक्रिया चल रही है शिक्षक उसका सहयोग करें। जो भी शासन का दिशा निर्देश हैं उसके मंसा अनुरूप कार्य करें।
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