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जेल से बरी होंगे केजरीवाल या ……? हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

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अरविंद केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि जांच एजेंसी के पास केजरीवाल को लेकर जो सबसे नए सबूत हैं वे जनवरी 2024 के हैं. सिंगवी ने कहा कि आपको 41A का नोटिस दिया गया, इसके बावजूद आप कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. दस्तावेज कहां हैं? आप केवल मौखिक रूप से कोर्ट को नहीं बता सकते.

दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में सीबीआई की गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. साथ ही हाई कोर्ट ने  केजरीवाल की अंतरिम जमानत की याचिका पर भी अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है. सीबीआई की ओर से कोर्ट में पेश हुए विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह ने कहा कि केजरीवाल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें 21 दिन के लिए मिली अंतरिम जमानत का इस्तेमाल अपने लाभ के लिए नहीं कर सकते क्योंकि यह जमानत उन्हें लोकसभा चुनाव के चलते दी गई थी.

सीबीआई के वकील ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक 20 जून को ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें दी गई जमानत का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर 30 पन्नों का तर्कसंगत आदेश देकर रोक लगा दी थी.

सीबीआई को मात्र संदेह के आधार पर गिरफ्तार करने का अधिकार

सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी को मात्र संदेह होने पर ही किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार है और सीबीआई के पास सीएम को गिरफ्तार करने के संभावित कारण हैं. सिंह ने कहा कि सीआरपीसी जांच के उद्देश्य से गिरफ्तारी की अनुमति देती है. केजरीवाल की गिरफ्तारी जरूरी है क्योंकि उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी हो गई है.

जांच प्रभावित कर सकते हैं केजरीवाल

उन्होंने दावा किया कि सीबीआई के पास यह साबित करने के पर्याप्त तरीके हैं कि जमानत के बाद केजरीवाल जांच को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच पूरी करने के अंतिम चरण में है और इस बात की उचित आशंका है कि जमानत पर बाहर आकर सीएम गवाहों को प्रभावित करेंगे. सीबीआई के वकील ने कहा कि जमानत के लिए केजरीवाल को पहले ट्रायल कोर्ट का रुख करना चाहिए.

क्या बोले केजरीवाल

वहीं केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलील में कहा सीबीआई का यह रुख मामले में देरी करने की रणनीति है. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया कि कोर्ट को सीएम की जमानत याचिका पर सुनवाई क्यों नहीं करनी चाहिए. सिंघवी ने दलील दी कि जांच एजेंसी के पास केजरीवाल को लेकर जो सबसे नए सबूत हैं वे जनवरी 2024 के हैं.

जनवरी के बाद कोई सबूत नहीं मिला

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को जनवरी 2024 के बाद से कोई सबूत नहीं मिला है और अब सीबीआई 13 जून के एक दस्तावेज के साथ आई है जिसका कहीं भी इस्तेमाल नहीं हुआ है. उन्होंने सीबीआई से सवाल किया कि क्या आप गिरफ्तारी के बाद कोई नया दस्तावेज जुटा पाए हैं.

केवल मौखिक आधार पर बहस नहीं कर सकते

सिंगवी ने कहा कि आपको 41A का नोटिस दिया गया, इसके बावजूद आप कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. दस्तावेज कहां हैं? आप केवल मौखिक रूप से कोर्ट को नहीं बता सकते. संपूर्ण सामग्री के आधार पर हम कह सकते हैं कि केजरीवाल की गिरफ्तारी को उचित ठहराने का कोई तर्क नहीं है.

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