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वाराणसी

आत्म संस्मरण और शब्द चित्रों से दिखाया बच्चो की जिज्ञासा

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पिंडरा/संसद वाणी : शिक्षक एक राष्ट्र निर्माता ही नही बल्कि बच्चो संरक्षक भी होता है। शिक्षक हर भूमिका को बखूबी निभाना जानता है।
पिंडरा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल रमईपट्टी के शिक्षक कमलेश पांडेय ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया और विद्यालय और विद्यालय की यात्रा पर दो पुस्तक लिख डाली। उक्त दोनों पुस्तक बीएसए अरविंद कुमार पाठक एवं बीईओ पिंडरा विनोद कुमार मिश्रा को प्रमोद दीक्षित के संपादन में प्रकाशित अपने साझा संग्रह “विद्यालय में एक दिन”और “यात्री हुए हम” जो आईएसबीएन से आच्छादित है की प्रतियां भेंटकर आशीर्वाद लिया।

उन्होंने बताया कि पुस्तक “विद्यालय में एक दिन” में चयनित उनके लेख ‘स्वच्छता की ओर विद्यालय’ में ऐसे छात्र की कहानी है जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर सदी के महानायक तक की मुलाकात को शब्द चित्र से पाठकों तक लाने का प्रयास है। वही पुस्तक “यात्री हुए हम” में चयनित लेख ‘हमारी चुनारगढ़ की यात्रा’ पूरी तरह से शैक्षिक भ्रमण पर आधारित है। जिसमें छात्रों के सीधे सवालों के जवाब से चुनारगढ़ के भौगोलिक सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक रहस्यों के पट खुलते दिखेंगे। इस लेख से पाठक को घर बैठे चुनारगढ़ के दृश्य की अनुभूति शब्दों से कराने की लेखक की मंशा यात्रा के नवल संसार रच रही है।

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