नई दिल्ली – अगर आप सोचते थे कि साइबर अपराधी पकड़े नहीं जाते, तो दिल्ली पुलिस ने आपके इस भ्रम को तोड़ दिया है। एक अभूतपूर्व कार्रवाई में, दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ‘ऑपरेशन साइहॉक’ (Operation CyHawk) के तहत एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है जिसकी काली कमाई का आंकड़ा सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे – 1000 करोड़ रुपये से ज़्यादा!
पुलिस ने खुलासा किया है कि यह रैकेट दिल्ली और आस-पास के इलाकों से संचालित हो रहा था और इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था।
1000 करोड़! यह है देश का सबसे बड़ा साइबर घोटाला!
यह सिर्फ कोई छोटा-मोटा फ्रॉड नहीं है, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क था जिसने लोगों की मेहनत की कमाई लूटने के लिए जटिल तकनीकों का इस्तेमाल किया।
मुख्य कार्रवाई के आंकड़े:
- रैकेट की अनुमानित धोखाधड़ी: ₹1000 करोड़ से अधिक
- गिरफ्तारी (48 घंटे में): 877 साइबर धोखेबाज
- ऑपरेशन का नाम: ऑपरेशन साइहॉक
- कार्रवाई करने वाली एजेंसी: दिल्ली पुलिस (साइबर सेल)
कैसे हुआ ‘साइहॉक’ का जाल?
दिल्ली पुलिस की साइबर विशेषज्ञों की टीम ने लगभग एक महीने तक इस रैकेट पर कड़ी निगरानी रखी। इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने गृह मंत्रालय के I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के साथ मिलकर विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया।
इस गहन तैयारी के बाद, यह ऑपरेशन एक शिकारी बाज़ की तरह सटीक और तेज था। दिल्ली पुलिस ने 20 नवंबर 2025 से शुरू करके लगातार 48 घंटे तक दिल्ली और आसपास के जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से इन तरीकों का उपयोग कर रहा था:
- जॉब/निवेश घोटाला (Job/Investment Scams): लोगों को बड़े रिटर्न का लालच देकर उनके पैसे हड़प लिए गए।
- फ़िशिंग (Phishing) और ओटीपी धोखाधड़ी: बैंक खातों की गोपनीय जानकारी चुराने के लिए नकली लिंक्स भेजे गए।
- कॉल सेंटर फ्रॉड: खुद को बैंक या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराया गया और उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए गए।
48 घंटे में 877 गिरफ्तारियाँ: अब अपराधियों की खैर नहीं!
शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 की सुबह तक, इस ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान पूरे 877 लोग गिरफ्तार किए गए या कानूनी तौर पर ‘बाउंड डाउन’ किए गए। इसके अलावा, 509 लोगों को भी नोटिस जारी किए गए हैं जो इस वित्तीय जाल में संदिग्ध रूप से शामिल थे।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह ऑपरेशन साइबर अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से कोई बच नहीं सकता। यह कार्रवाई, जो कि नवंबर 2025 में की गई है, साइबर क्राइम के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई में से एक है।”
क्या आपका पैसा सुरक्षित है?
इस बड़ी कार्रवाई के बाद, पुलिस ने आम जनता को फिर से आगाह किया है।
साइबर सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम:
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी (OTP), या पिन किसी को भी न बताएं।
- अविश्वसनीय निवेश योजनाओं से दूर रहें।
दिल्ली पुलिस के इस ‘ऑपरेशन साइहॉक’ ने साइबर क्राइम के खिलाफ जंग में एक मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों के हौसले पस्त करेगी, बल्कि देश के लोगों में सुरक्षा का भाव भी पैदा करेगी।
आगे की जांच जारी है, और हो सकता है कि इस 1000 करोड़ के महा-घोटाले में और भी बड़े नाम सामने आएं।

